पीजी कालेज अगस्त्यमुनि के बीए तृतीय वर्ष में 123 परीक्षार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से श्रीदेव सुमन विवि की परीक्षा के लिए आवेदन किया था। 121 छात्रों ने संस्कृत द्वितीय प्रश्न की परीक्षा दी थी। महाविद्यालय की ओर से इस संबंध में जरूरी रिकार्ड व कापियां भी विवि को भेजी गई थी। बावजूद इसके श्रीदेव सुमन विवि ने परीक्षा परिणाम में संस्कृत द्वितीय प्रश्न पत्र में अधिकांश छात्रों को अनुपस्थित दर्शाया है। परीक्षार्थी वैशाली, गौरव, विश्वंभरी आदि ने बताया कि परीक्षा देने के बावजूद उन्हें गैरहाजिर दिखाने से वह आहत हैं। यह लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
छात्रों के माध्यम से ऐसी शिकायत मिली है। श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन को इस संबंध में पूर्व में ही लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। छात्रों के हितों को देखते हुए इसमें शीघ्र सुधार किया जाना चाहिए। - डा. पीएस जगवाण, प्राचार्य पीजी कालेज अगस्त्यमुनि।
सेंटर कोंडिंग फीड करने में कोई तकनीकी दिक्कत आने से ऐसा हो सकता है। मैं विवि से बाहर हूं। टिहरी जाकर इस प्रकरण की जांच करुंगा। यदि कोई गलती हुई है तो शीघ्र इसे दूर कर छात्रों के परिणाम में सुधार किया जाएगा। - डा. यूएस रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि बदशाहीथौल नई टिहरी।