केदारनाथ मंदिर परिसर में जुटी भक्तों की भीड़।
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बाबा केदार के कपाट खुलने के बाद पहले एक सप्ताह में अब तक 23 हजार से अधिक यात्री दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रियों की बढ़ी संख्या के आगे सरकारी व्यवस्थाएं नाकाफी दिख रही है। हालात यह है कि सोनप्रयाग में यात्री सुबह पांच बजे से लाइन में लग रहे हैं। बावजूद दिन गुजरने के बाद भी आगे के लिए अनुमति नहीं मिल पा रही है।
रविवार को सोनप्रयाग में चार हजार से अधिक यात्री लाइन में खड़े होकर इंतजार करते रहे। पुलिस के अलावा उन्हें स्थिति से अवगत कराने वाला कोई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था। 9 मई से शुरू हुई केदारनाथ की यात्रा का संचालन इस वर्ष भी सोनप्रयाग से किया जा रहा है।
पर्याप्त संसाधन न होने और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से व्यवस्थाओं की पोल खुल रही है। सोनप्रयाग में घोड़ा-खच्चर काउंटर से लेकर स्वास्थ्य जांच केंद्र और फोटोमैट्रिक पंजीकरण भी हो रहा है। तीनों काउंटर पर भीड़ जुटी है। यहां पर कई यात्री तीन से चार दिन से इंतजार कर रहे हैं।
महाराष्ट्र से आए सुनील जोशी का कहना है कि वह तीन दिन सोनप्रयाग में केदारनाथ जाने का इंतजार कर रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें अब तक घोड़ा-खच्चर नहीं मिल पाया है। मेडिकल चेकअप भी नहीं हुआ। गुजरात, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से दो दिन से सोनप्रयाग पहुंचे 12 सौ से अधिक लोगों को सीमित सुविधाएं होने से उन्हें खासी दिक्कतें हो रही हैं। यात्रियों का कहना है कि यात्रा व्यवस्था के लिए किए गए दावे धरातल पर दिख नहीं रहे हैं।
यात्रियों को अकारण सोनप्रयाग में रोका जा रहा है। इधर, थानाध्यक्ष सुबोध ममगाईं ने बताया कि वे अपने स्तर से सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि केदारनाथ में पर्याप्त जगह नहीं होनेे से मजबूरी में यात्री रोकने पड़ रहे हैं।