रुद्रप्रयाग। जनपद में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर विकास भवन सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान कृषकों को रासायनिक मुक्त कृषि की ओर प्रेरित करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
सोमवार को आयोजित कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र जाखधार के प्रभारी वैज्ञानिक डाॅ. संजय सचान ने कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग जैविक जनपद घोषित है, यहां पर प्राकृतिक खेती की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण मिट्टी की उर्वरता में कमी और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर डाॅ. निवेदिता, डाॅ. अंशुल आर्या, डाॅ. अंकित डोंगरियाल, दिग्विजय, भुवनेश सिंह नेगी सहित कृषक प्रियंका कुंवर, प्रीता देवी, अल्पना कुंवर, पूनम बिष्ट, गोपाल सिंह रावत, कमल सिंह, जीतपाल, सुरेंद्र आदि कृषक मौजूद रहे। संवाद