अगस्त्यमुनि ब्लॉक के मणिगुह गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित हुए सात दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन व पुलिस ने गांव की सुध नहीं ली गई है। यहां के ग्रामीण रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली वस्तुओं के लिए परेशान हो रहे हैं।
ग्राम प्रधान जोत सिंह रावत का कहना है कि बीते 30 अप्रैल को गांव में 31 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद प्रशासन ने एक मई को गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। कहा कि गांव में सरकारी सस्ता गल्ला दुकान में राशन नहीं है। उप जिलाधिकारी द्वारा जो हेल्पलाइन नंबर दिया गया है, उससे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रशासन व पुलिस पर ग्रामीणों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि कोरोना की बात सुनकर कोई बाहरी गांव में आने को तैयार नहीं है। जो वाहन आ भी रहे थे, उन्हें अगस्त्यमुनि पुलिस द्वारा रोका जा रहा है। इधर, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि उप जिलाधिकारी के माध्यम से तत्काल प्रभाव से गांव में राशन पहुंचा दी गई थी। एक दुकानदार भी तैयार है, जो गांव के परिवारों को उनकी जरूरत के हिसाब से सामग्री उपलब्ध कराएगा। हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं कि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। संवाद