जखोली ब्लाक के पूर्वी व पश्चिमी भरदार पट्टी के 50 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला तिलवाड़ा-सौंराखाल मोटर मार्ग हादसों को न्यौता दे रहा है। मार्ग पर जगह-जगह पर पुश्ते धंसे हुए हैं और मलबे के ढेर लगे हैं, जिससे छोटे वाहनों की आवाजाही में मुश्किल हो रही है।
अस्सी के दशक में निर्मित लगभग 36 किमी मार्ग पर पिछले कुछ समय से पीएमजीएसवाई, लोनिवि और एडीबी द्वारा सुधारीकरण कार्य चल रहा है। ठेकेदारों की मनमानी के कारण मार्ग सुधरने के बजाय खस्ताहाल हो रहा है। निकास नाली के अभाव में बरसाती पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे कई पुश्ते धंस गए हैं।
क्षेत्र के समाजिक कार्यकर्ता गजेंद्र भट्ट का कहना है कि सौंदा, दौड़ा, माथगांव, सकलाना, क्वीला, घेंघडख़ाल, नोली, कांडा, चौरिया, तिमली सहित गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बरसात में मार्ग कई स्थानों पर बंद हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी बीमार को अस्पताल पहुंचाने में हो रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने कार्यदायी संस्थाओं को जल्द मार्ग ठीक करने को कहा है।
25 संपर्क मार्ग अब भी बंद
रुद्रप्रयाग। बरसात से जिले में 25 संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं। संपर्क मार्गों के बंद होने से जिले के 40 से अधिक गांवों के ग्रामीण मीलों पैदल चल रहे हैं। अगस्त्यमुनि ब्लाक के धनपुर पट्टी के गांवों को जोड़ने वाला रैंतोली-जसोली मार्ग एक माह से बंद है। जखोली ब्लाक के सिलगढ़ व बडमा पट्टी के गांवों को जोड़ने वाले सूर्यप्रयाग-मुसढुंग व विजयनगर-तैला मार्ग भी 20 दिन से बंद हैं।
तिलवाड़ा-सौंराखाल मोटर मार्ग पर मानकों के तहत सुधार कार्य चल रहा है। बरसात के कारण कुछ स्थानों पर दिक्कत हो रही है, जिन्हें ठीक किया जा रहा है।
-- पवन कुमार
ईई, पीएमजीएसवाई, जखोली