केदारनाथ धाम तक भूमिगत बिजली लाइन पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। ऊर्जा निगम ने इसके लिए द कैटलिस्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंसी सर्विसेज की मदद से सोनप्रयाग से केदारनाथ तक सर्वे पूरा कर दिया है।
आपदा के बाद से केदारनाथ को सुरक्षित और संसाधन संपन्न बनाने के लिए शासन स्तर पर हो रहे प्रयासों के तहत अंडर ग्राउंड बिजली लाइन भी शामिल है। एसपीएआर (स्पेशल प्रोजेक्ट एसीसटेंस रिकस्ट्रक्शन) के तहत केंद्र सरकार से मिली धनराशि से सोनप्रयाग के केदारनाथ तक 11केवी की 21 किमी अंडर ग्राउंड विद्युत लाइन बिछाई जानी है।
19 से 21 मई तक सर्वे दल के तीन विशेषज्ञों ने पूरे पैदल मार्ग, मंदाकिनी नदी के दोनों किनारों पर स्थित कठोर और हल्की चट्टानों के साथ भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का भी भौगोलिक सर्वेक्षण किया है। इस सर्वे के आधार पर अंडर ग्राउंड लाइन बिछाने का नक्शा तैयार होना है। इस योजना के धरातल पर उतरने से सोनप्रयाग से धाम और पड़ावों पर बारामासी विद्युत आपूर्ति रहेगी। वहीं शीतकाल में बर्फबारी से विद्युत लाइनों को होने वाले नुकसान से भी बचा जा सकेगा। उत्तराखंड में यह पहला मौका है, जब किसी धार्मिक स्थल तक विद्युत लाइन भूमिगत कर पहुंचाई जाएगी।
ऐसी होगी अंडर ग्राउंड बिजली लाइन
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक एक मीटर गहरी खुदाई की जाएगी। इसकी निश्चित चौड़ाई होगी। इस गहराई में डबल सर्किट विद्युत केबिल को बिछाया जाएगा। एक निश्चित दूरी पर स्पॉट प्वाइंट बनेंगे, जिससे लाइन को 11 केवी के ट्रांसफार्मर से जोड़कर सप्लाई की जाएगी। प्रारंभिक स्तर पर नार्मल ट्रांसफार्मर से भूमिगत लाइन के जरिये केदारनाथ में सप्लाई होगी। बाद में भूमिगत ड्राई ट्रांसफार्मर से लिंक किया जाएगा। इसके लिए ऊखीमठ से सोनप्रयाग तक अतिरिक्त नई 33केवी लाइन भी बिछाई जाएगी।
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 21 किमी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर दिया गया है। पूरे पैदल मार्ग पर कुछ स्थानों पर अंडरग्राउंड संभव नहीं है। इसके लिए वैकल्पिक प्रयास देखे जा रहे हैं। सर्वे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिससे इस सप्ताह ऊर्जा निगम को सौंप दिया जाएगा।
- अनूप रावत, टीम लीडर, द कैटलिस्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंसी सर्विसेज।
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 21 किमी अंडर ग्राउंड विद्युत लाइन के लिए 15.50 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिली है। सर्वे पूरा हो चुका है, जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - अर्चित भट्ट, एसडीओ, ऊर्जा निगम ऊखीमठ डिवीजन