अगस्त्यमुनि ब्लाक के रानीगढ़, धनपुर और तल्ला नागपुर पट्टी के डेढ़ सौ से अधिक गांवों में बुधवार शाम से बिजली सप्लाई ठप है। चौबीस घंटों में ऊर्जा निगम की टीम फाल्ट नहीं ढूंढ पाई है।
क्षेत्र के रतूड़ा, घोलतीर, चोपड़ा, कुरझण, मदोला, छिनका, कोठगी सहित 150 से अधिक गांवों में बुधवार शाम से बिजली सप्लाई ठप है। इससे जहां ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए हैं, वहीं बाजारों में लघु कारोबार पर भी विपरीत असर पड़ा है।
भाजपा नेता भरत सिंह चौधरी, मधु सूदन जोशी, ग्राम प्रधान बीरेंद्र सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत सिंह रावत का कहना है कि एक माह में यह दूसरा मौका है, जब पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई 24 घंटे से अधिक बाधित हुई है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ती है। प्रशासन और ऊर्जा निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी इस समस्या का स्थायी हल नहीं ढूंढ निकाला गया है। उन्होंने यात्रा सीजन को देखते हुए विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कारगर कदम उठाने की मांग की है।
रतूड़ा फीडर में आई तकनीकी खराबी से डेढ़ सौ से अधिक गांवों में बिजली सप्लाई बाधित हुई है। निगम की टीम फाल्ट ढूंढने में जुटी है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। उम्मीद है कि शुक्रवार सुबह से क्षेत्र में सप्लाई बहाल हो जाएगी।
-- शैलेंद्र सिंह बिष्ट, एसडीओ ऊर्जा निगम रुद्रप्रयाग
80 गांवों में तीसरे दिन आई बिजली
थराली। तहसील मुख्यालय सहित देवाल विकासखंड के अस्सी से अधिक गांवों में तीसरे दिन बिजली सप्लाई बहाल हुई है। मंगलवार शाम पांच बजे तहसील मुख्यालय राड़ीबगड़ सहित थराली और देवाल ब्लाकों के अस्सी से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई थी। बृहस्पतिवार शाम को ही बिजली सप्लाई बहाल हो पाई है। बार संघ के सचिव रमेश चंद्र कुनियाल ने कहा कि जब तक कुमाऊं से देवाल ब्लाक को बिजली की आपूर्ति की जाती थी, तब तक यहां बिजली की समस्या नहीं थी, लेकिन गढ़वाल के फीडर से जुड़ने के बाद आए दिन बत्ती गुल होने हो रही है। तीन दिन तक बिजली ठप होने से जहां तहसील, ब्लाक, बैंक सहित सरकारी और गैर सरकारी विभागों में जरूरी कामकाज प्रभावित रहे, वहीं राड़ीबगड़, चेपड़ों, देवाल, मुंदोली, लोहाजंग सहित आसपास के छोटे बाजारों में व्यापार भी प्रभावित हुआ है।