प्रत्याशियों की बेरुखी से भले ही तोषी गांव के ग्रामीण नाराज है, लेकिन ग्रामीण लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होंगे। यहां ग्रामीणों ने नोटा का बटन दबाकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।
दरअसल, विधानसभा चुनाव प्रचार को अब दो दिन ही शेष रह गए हैं। सभी प्रत्याशी प्रचार टीम के साथ सुबह से शाम तक नगर से
लेकर गांव-गांव तक जनसंपर्क कर मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट की अपील कर रहे हैं। वे गांवों को विकास की धारा से जोड़ने और रोजगार को लेकर भी युवाओं से कई वायदे कर उनका भरोसा जीतने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन केदारनाथ विस के दूरस्थ तोषी गांव में अभी तक किसी भी प्रत्याशी ने जनसंपर्क की जहमत नहीं उठाई है।
भले ही कुछ ने अपने कार्यकर्ता गांव भेजकर इतिश्री कर दी, लेकिन प्रत्याशियों का गांव न पहुंचने का प्रमुख कारण, सड़क से 8 किमी पैदल दूरी है। ऐसे में तोषी के ग्रामीणों का कहना है कि जो वोट के लिए पैदल नहीं चल सकते। वे जीतकर हमारी सुध क्या लेगें? इसलिए मतदान में शामिल होकर इस बार नोटा का प्रयोग करेंगे।
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा का बुरा हाल
ऊखीमठ तहसील का सबसे दूरस्थ तोषी गांव सड़क से 8 किमी दूर है। वर्ष 2004 से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग हो रही है, लेकिन सेंचुरी एरिया में होने के कारण यह मामला बीते 13 वर्षों से लटका पड़ा है। ग्रामीणों को बुखार की दवा से लेकर अन्य जरूरी कार्यों के लिए त्रियुगीनारायण या सोनप्रयाग की दौड़ लगानी पड़ रही है। बच्चों को को 8वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए जीजाआईसी त्रियुगीनारायण (16 किमी पैदल) आना पड़ रहा है। गांव के लोग सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों वंचित है।
सड़क को लेकर कई बार शासन, प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला। गांव में समस्याओं का अंबार है, लेकिन सुध कोई नहीं ले रहा। गांव के सभी 119 इस बार मतदान करेंगे, लेकिन किसी प्रत्याशी को चुनने के बजाय नोटा का बटन दबाएंगे।
शशी देवी, ग्राम प्रधान