अतिवृष्टि के नौ दिन बाद भी जिले के 20 गांवों में बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। गांवों में बिजली की टूटी तारें और जगह-जगह लटके व उखड़े पोल खतरे का सबब बने हुए हैं। जनप्रतिनिधियों ने ऊर्जा निगम से जल्द गांवों की बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग की है।
20 मई को हुई अतिवृष्टि से जिले की एचटी और एलटी सहित हाईटेंशन विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिला मुख्यालय में ही 30 घंटे के बाद सप्लाई बहाल हो पाई थी। अब भी जखोली ब्लाक के स्यूंर, बांगर, त्यूंखर सहित 15 गांवों में बिजली सप्लाई ठप है।
दूसरी तरफ गांवों में केरोसीन की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को छिल्लों की रोशनी में रात बितानी पड़ रही है। इधर, अगस्त्यमुनि ब्लाक के भुनका, पौबौ सहित ककोड़ाखाल क्षेत्र में भी बिजली लाइनों को भारी क्षति होने से अंधेरा पसरा है। बिजली नहीं होने से ग्रामीणों के रोजमर्रा के कार्य व्यापक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
40 लाख का नुकसान
रुद्रप्रयाग। अतिवृष्टि से जिले में विद्युत लाइनों को पहुंची क्षति से ऊर्जा निगम को 40 लाख का नुकसान हुआ है। अतिवृष्टि से जहां 20 किमी से अधिक लंबी लाइनें पूर्णरूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं अनगिनत विद्युत पोल टूट गए हैं। कई ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए हैं।
वन क्षेत्र और आबादी वाले इलाकों में पेड़ों के टूटने और उखड़ने से विद्युत लाइनें व पोल व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। मोटे तौर पर 40 लाख का नुकसान हो चुका है। 20 गांवों में अब भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। - मनोज गुसाईं, ईई ऊर्जा निगम रुद्रप्रयाग