रुद्रपुर। सहायक शिक्षक (एलटी) की लिखित परीक्षा में धांधली के आरोप में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें धांधली का मास्टरमाइंड फायरमैन और हल्द्वानी जेल में तैनात बंदी आरक्षी भी शामिल हैं। आरोप है कि फायरमैन और अन्य लोगों ने मिलकर परीक्षा देने वाले 21 छात्रों को अपने झांसे में लिया। छात्रों के नाम पर दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाया गया। इसकी एवज में फार्म भरने के नाम पर टोकन के तौर पर 10 हजार और पास होने के बाद दो लाख रुपये लिए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
सोमवार को कोतवाली में एएसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की ओर से सहायक शिक्षक की प्रतियोगी परीक्षा की भर्ती निकली थी। वर्ष 2018 में परीक्षा में फार्म भरने के बाद वर्ष 2019 में लिखित परीक्षा आयोजित हुई।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के अनुसचिव राजन मैठाणी के संज्ञान में आया था कि परीक्षा में फर्जी तरीके से प्रतिभाग कर नौकरी पाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने देहरादून के रायपुर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। चूंकि परीक्षा का केंद्र ऊधमसिंह नगर में बनाया गया है, लिहाजा मुकदमे को ऊधमसिंह नगर ट्रांसफर कर दिया गया।
जिला पुलिस की ओर से की गई जांच में पता चला कि सभी फार्म एक ही व्यक्ति ने भरे हैं। फार्म भरने के दौरान टोकन के तौर पर 10 हजार रुपये और परीक्षा पास कराने में करीब दो लाख रुपये पर सहमति बनी थी। जांच में अभ्यर्थियों के सेवायोजन कार्यालय के रजिस्ट्रेशन नंबर चेक किए गए तो इसमें अधिकांश नंबर बंद चल रहे थे।
फार्म में दिए नंबर मोबाइल नंबरों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया तो इसमें कासमपुर मुरादाबाद निवासी सुरेश का मोबाइल ही बैंक से पंजीकृत था। इसके चलते बैंक से संपर्क कर सुरेश की फोटो प्राप्त करने के बाद उसकी तस्दीक की गई और सोमवार को उसे मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सुरेश ने बताया कि उसने यह परीक्षा परिचित कांठ मुरादाबाद निवासी सर्वेश यादव के कहने पर दी थी। सुरेश और सर्वेश दोनों ही एक प्राइमरी स्कूल में अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने सुरेश की निशानदेही पर सर्वेश को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सर्वेश ने बताया कि इसका मास्टरमाइंड देवेंद्र है, जो अमरोहा में फायरमैन के पद पर कार्यरत है। इसके बाद देवेंद्र के बारे में और जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह परीक्षा के समय अमरोहा में तैनात था लेकिन वह अब बिलासपुर में कार्यरत है।
इस पर पुलिस टीम ने बिलासपुर पहुंचकर देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद टीम को और जानकारियां मिली। इसके बाद पुलिस ने जसपुर निवासी अवतार सिंह, अनिल कुमार, अंचल कुमार, सोनू सिंह, धर्मेंद्र सिंह और काशीपुर निवासी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। मामले में फरार विजयवीर, मीना राम, रिंकू कुमार और मो. जावेदुल्लाह की पुलिस तलाश कर रही है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
एक नाम के दो फार्म भरकर किया गया हेरफेर
रुद्रपुर। सहायक अध्यापक (एलटी) की लिखित प्रतियोगी परीक्षा में धांधली कराने वाले गैंग ने परीक्षा में शामिल होने वाले एक ही नाम के दो छात्रों के आवेदन फार्म भरे। इस हेरफेर में एक दर्जनों लोगों को पास भी करा दिया था लेकिन अचानक इसका खुलासा होने पर गैंग के मंसूबों पर पानी फिर गया।
बिलासपुर में फायरमैन के पद पर तैनात देवेंद्र ने परीक्षा में धांधली की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने दो शिक्षकों के साथ ही आधा दर्जन लोगों को जोड़कर अपना जाल बिछाया। रुद्रपुर के जनता इंटर कॉलेज में हुई परीक्षा में यह पूरा खेल किया गया था। 23 सितंबर 2019 को एसआईटी गठित होने के बाद धांधली की परतें खुलती चली गईं।
एसआईटी का नेतृत्व कर रहे सीओ देहरादून शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि ऊधमसिंह नगर में दर्जनों अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक ही नाम से दो-दो लोगों ने परीक्षा दी। इसमें ओएमआर सीट में नाम के अंत में दो या तीन शब्दों में हेरफेर किया गया था।
उन्होंने बताया कि जिन छात्रों को पास होना था, उन्हें 100 में से 18 या 20 नंबर मिले जबकि जिन्होंने उनकी परीक्षा दी उन उत्तर पुस्तिकाओं में 70 और 80 नंबर तक मिले। सुयाल ने बताया आरोपियों को रिमांड में लेकर पूछताछ की जाएगी। पकड़े गए आरोपियों की कई अन्य मामलों में भी संलिप्ता हो सकती है।
शिक्षक बनने की ख्वाहिश में गई सरकारी नौकरी पर तलवार
रुद्रपुर। हल्द्वानी जेल के बंदी आरक्षी ने शिक्षक बनने की ख्वाहिश में अपनी नौकरी पर भी संकट खड़ा कर दिया है। सहायक अध्यापक (एलटी) की लिखित प्रतियोगी परीक्षा के लिए अवतार सिंह ने खुद तो आवेदन किया ही कई अन्य लोगों को भी नौकरी दिलाने का झांसा देकर फार्म भरवा लिए।
पूछताछ में गैंग के मास्टरमाइंड देवेंद्र निवासी अमरोहा ने बताया कि उसकी मुलाकात अमरोहा के ही सर्वेश यादव से हुई थी, जो महदूद कलमी मुरादाबाद में प्राइमरी स्कूल में शिक्षक था। सर्वेश यादव ने देवेंद्र को बताया कि वह जसपुर निवासी अवतार सिंह को जानता है, जो हल्द्वानी जेल में बंदी आरक्षी के पद पर कार्यरत है। वह खुद शिक्षक बनने और अन्य लोगों को जोडने की बात कह रहा है।
उसने एक ही नाम के दो अभ्यर्थियों के दस्तावेज एकत्र कर सर्वेश को दे दिए थे। उसने इस परीक्षा को पास भी कर लिया था, इसके लिए दो लाख रुपये देने बाकी थे। सीओ शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि जेल का बंदी आरक्षी अवतार सिंह का नाम अभ्यर्थियों के दस्तावेज एकत्र करने में सामने आया।
उस पर कार्रवाई करने के लिए जेल अधिकारी से पत्राचार किया जा रहा हैै। वहीं, शिक्षक सर्वेश यादव, सुरेश चौहान और फायरमैन देवेंद्र कुमार को भी कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उनको गिरफ्तारी की सूचना दी जा रही है।