धार्मिक मान्यताओं और ईश्वरीय महिमा पर आधारित है पुस्तक
चोपता। तल्ला नागपुर के फलासी क्षेत्र में चल रही मां चंडिका की बन्याथ यात्रा व महायज्ञ के बीच, आराध्य देवी ने अपनी ब्रह्मडोली के माध्यम से आध्यात्मिक पुस्तक गढ़ ईश्वरी का विमोचन किया। इस अवसर पर मां ने अपनी डोली से पुस्तक के पृष्ठों को स्पर्श कर उन्हें पलटा और अपनी स्वीकृति प्रदान की। पुस्तक का लेखन बलदीप सिंह बर्त्वाल ने किया है। यह पुस्तक क्षेत्र की धार्मिक मान्यताओं और ईश्वरीय महिमा पर आधारित है। खेतों में दर्शन और वेदपाठ की गूंज दोपहर के समय मां चंडिका यज्ञ वेदिका से उठकर बणातोली के खेतों में पहुंचीं, जहाँ उन्होंने खेतों के बीच भ्रमण कर भक्तों को दर्शन दिए। इसी प्रवास के दौरान विमोचन का यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर पंचकोटी मन्दिर समिति के अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह बर्त्वाल ने कहा कि माता ने पूर्व में लेखक को बन्याथ पर आधारित पुस्तक लिखने की अनुमति दी थी और अब किताब का विमोचन भी माता ने स्वयं ही किया है जो कि बहुत ही खास है। वहीं दूसरी ओर महायज्ञ निरंतर जारी है, जिसे बैंजी, मायकोटी, चोंड और क्यूड़ी से आए विद्वान वेदपाठी ब्राह्मण पूरे विधि-विधान के साथ इस धार्मिक अनुष्णान काे संपन्न करा रहे है। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष दलबीरसिंह राणा,सचिव पूर्ण सिंह खत्री, कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, उपकोषाध्यक्ष सत्ये सिंह नेगी, रणजीत सिंह करासी, मगनसिंह नेगी, जगदम्बा प्रसाद बेंजवाल, प्रधान हेमा नेगी, आज़ाद खत्री, अखिलेश नेगी, सूरज नेगी, त्रिलोचन भट्ट सहित सैकड़ो भक्त उपस्थित रहे।