रुद्रुर जिला अस्पताल में धरने पर बैठे किच्छा विधायक को समझाते सीएमओ।
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रुद्रपुर। जिला अस्पताल में सोमवार सुबह एक महिला की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर रात के समय महिला को भर्ती न करने और सुबह भर्ती के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। इसके विरोध में किच्छा विधायक राजेश शुक्ला अस्पताल के गेट पर धरने में बैठ गए। उन्होंने इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में सीएमओ से निष्पक्ष जांच की मांग की। करीब दो घंटे बाद कार्रवाई के आश्वासन पर विधायक धरने से उठे।
ग्राम भंगा किच्छा निवासी पार्वती देवी (30) पत्नी झाझनलाल को प्लेटलेट्स की कमी होने पर रविवार रात परिजन जिला अस्पताल लाए थे। आरोप है कि महिला को तीनपानी स्थित निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां उनसे 10 हजार रुपये एडवांस और 12 हजार कुछ समय बाद जमा करने को कहा गया। इस कारण परिजन महिला को लेकर हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। वहां भी महिला को भर्ती नहीं किया तो परिजन सुबह दोबारा रुद्रपुर जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन यहां महिला को अस्पताल में भर्ती करते ही उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर किच्छा विधायक राजेश शुक्ला जिला अस्पताल के गेट पर धरने में बैठ गए। उन्होंने डॉक्टरों पर महिला को भर्ती न करने का आरोप लगाया। कहा कि उन्होंने जब रात के समय जिला अस्पताल और सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों को मरीज को भर्ती करवाने के लिए फोन किया तो उनका नंबर रिसीव नहीं किया। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने कोविड-19 की जांच न होने का बहाना बनाकर और रुपये न देने पर भर्ती न किया। शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए सीएम को पत्र भेजा है। हंगामे की सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. डीएस पंचपाल और पंतनगर थानाध्यक्ष अशोक कुमार भी धरनास्थल पर पहुंच गए। विधायक की सीएमओ और डॉक्टरों से कहासुनी हुई। सीएमओ ने विधायक को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई मांग पर अड़े रहे। इधर, एडीएम जगदीश कांडपाल ने धरनास्थल पर पहुंचकर विधायक को मामले में जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में जांच कराकर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक ने धरना खत्म किया।
एक हफ्ते में कार्रवाई न हुई तो सीएम कार्यालय में दूंगा धरना
रुद्रपुर। किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि एडीएम जगदीश कांडपाल ने उन्हें मौके पर पहुंचकर आश्वस्त किया कि इस प्रकरण में जांच कमेटी बना दी गई है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे सीएम कार्यालय के बाहर धरना देंगे।
कोट:
तीनपानी स्थित मेडिसिटी अस्पताल के साथ रेफर का अनुबंध किया गया है, इसके बावजूद मरीज को भर्ती नहीं किया गया। इस संबंध में मेडिसिटी अस्पताल को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। साथ ही जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. टीडी रखोलिया को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डॉ: डीएस पंचपाल, सीएमओ