पंतनगर। पर्वतीय क्षेत्रों की बंजर भूमि में उद्यान एवं वानिकी अपनाए जाने की जरूरत है। उत्पादों की सशक्त विपणन व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किए जाने के साथ सरकारी अनुदान को सीधे किसानों को न देकर, उस धन से किसानों के लिए सुविधाओं का निर्माण करने से ही पहाड़ों से पलायन रोका जा सकता है। यह बात बतौर मुख्य अतिथि अल्मोड़ा के प्रगतिशील किसान हीरा सिंह बिष्ट ने 107वें पंतनगर किसान मेले का उद्घाटन समारोह के दौरान कही।
गांधी हॉल में आयोजित समारोह में प्रगतिशील किसान हीरा सिंह ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए विभिन्न तकनीकों जैसे उच्च गुणवत्ता के बीज, पौध, खेती के साथ कृषि आधारित सह व्यवसाय अपनाने, उपलब्ध जल स्रोतों का खेती में उपयोग के लिए उपाय ढूंढने, कृषि रसायनों का कम उपयोग, समन्वित खेती अपनाने पर जोर दिए जाने की और जरूरत है। पंतनगर विवि से उन्होंने अपेक्षा की कि अपने अनुसंधानों से वह पर्वतीय किसानों की आय में वृद्धि करने सहित पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने कहा कि प्रदेश और देश में ऐसे बहुत से किसान हैं, जो कृषि से सामान्य किसान की अपेक्षा कई गुना अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे किसान ही नए जमाने के किसान हैं, जिनको महत्व दिए जाने की आवश्यकता है, ताकि अन्य किसान भी उनसे सीख लेकर कृषि को फायदे का सौदा बना सकें।
विशिष्ट अतिथि विजय पाल सिंह ने कहा कि गुणवत्तायुक्त कृषि उत्पादन के लिए जैविक खेती ही मात्र एक विकल्प है। कृषकों को समूह में मिलकर जैविक खेती करनी चाहिए। इसके लिए कृषक और वैज्ञानिकों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। सुमित लखोटिया ने कहा कि कृषक वैज्ञानिक तकनीकी से खेती के साथ ही पशुपालन और कुक्कुट पालन करके अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। हरमिंदर सिंह ने कहा कि किसानों के लिए बीज एक महत्वपूर्ण निवेश है और इसकी गुणवत्ता पर ध्यान रखने की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विभिन्न कृषि साहित्यों का विमोचन भी किया। गांधी हॉल में बड़ी संख्या में किसान, विद्यार्थी, वैज्ञानिक, शिक्षक, अधिकारी एवं अन्य आगंतुक मौजूद रहे। इससे पूर्व कुलपति डॉ. प्रताप ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि को मेले में लगी उद्यान प्रदर्शनी एवं विवि के महाविद्यालयों के स्टॉलों का अवलोकन खुली जीप में बैठाकर कराया। मेले में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही अन्य प्रदेशों और नेपाल के किसान भी पहुंचे हैं।
फल-फूल प्रदर्शनी में कुल 37 प्रविष्टियां
पंतनगर। किसान मेले में फल-फूल, शाक-भाजी एवं परिरक्षित पदार्थों की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तर प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों के 37 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में विभिन्न वर्गों में 163 गमले के फूल वाले पौधे, 44 कटे फूल, 57 फूलों का विन्यास, 82 सब्जी, 49 फल तथा 180 परिरक्षित पदार्थों सहित कुल 675 प्रविष्टियों को प्रदर्शित किया गया। वहां डॉ. मनोज राघव, डॉ. रंजन श्रीवास्तव, डॉ. एनके मिश्रा, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अंजू पाल, डॉ. श्वेता उनियाल, प्रभाकर जोशी, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. वीडी भुज, डॉ. बीपी श्रीवास्तव, डॉ. वीके राव थे।
कृषि में अभिनव प्रयोग के लिए नौ प्रगतिशील कृषक सम्मानित
पंतनगर। किसान मेले के उद्घाटन समारोह में कृषि में अभिनव प्रयोग करने के लिए प्रदेश के नौ प्रगतिशील किसानों को मुख्य अतिथि हीरा सिंह बिष्ट, कुलपति डॉ. तेज प्रताप व अन्य अतिथियों ने सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वाले कृषकों में ग्राम बरख, पाटी जिला चंपावत के हयात सिंह, लिब्बरहेड़ी, नारसन हरिद्वार के हरमीत चौधरी, सिमखोला, विण जिला पिथौरागढ़ के रघुवर सिंह, ग्वालदम, थराली जिला चमोली के जय सिंह गड़िया, सुनकिया, धारी जिला नैनीताल के हर्ष सिंह, शंकरपुर, सहसपुर जिला देहरादून की जयमाला, चैसाली, हवालबाग जिला अल्मोड़ा के बच्चे सिंह, राजपुरा रानी, काशीपुर जिला ऊधमसिंह नगर के दिलबाग सिंह और हाट, अगस्त्मुनि जिला रुद्रप्रयाग के संदीप गोस्वामी शामिल हैं।