रुद्रपुर मीट बाजार में दुकान पर टंगी चिकन की रेट लिस्ट।
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कोरोना वायरस के खौफ से जिले में कुक्कुट पालन का कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। चिकन के दाम 200 रुपये प्रति किलो से घटकर 120 रुपये पहुंच गए हैं। कुछ स्थानों पर चिकन 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। हैचरी में भी चूजों के रेट 35 रुपये से घटकर पांच रुपये प्रति चूजा पहुंच गया है।
जिले में कुक्कुट पालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग जुड़ हुए हैं। कोरोना वायरस की दहशत से इस कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कोरोना वायरस के डर से लोग चिकन से परहेज कर रहे हैं। पार्टियों, होटलों और घरों में चिकन की खपत में 65 से 70 प्रतिशत तक गिरावट आ गई है।
चिकन के रेट जो पहले 200 रुपये प्रति किलो थे, अब घटकर 120 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। रुद्रपुर के मीट मार्केट में एक पखवाड़े से भी अधिक समय से सन्नाटा छाया हुआ है। होटलों और रेस्टारेंट में चिकन की सप्लाई बेहद कम हो गई है। मीट मार्केट स्थित या वारिस चिकन शॉप के मालिक एवं मीट व्यवसायी जरीफ खान कहते हैं कि जनता में चिकन खाने से कोरोना वायरस फैलने का भ्रम फैला हुआ है, जिस कारण लोग चिकन खाने से परहेज कर रहे हैं।
सिर्फ रुद्रपुर में चिकन की प्रति दिन की खपत करीब 70 क्विंटल से घटकर लगभग 15 क्विंटल पहुंच गई है। चिकन के रेट प्रति किलो 120 रुपये करने के बावजूद डिमांड नहीं बढ़ रही है। जरीफ कहते हैं कि इसका असर पॉल्ट्री फार्मों पर भी पड़ा है। पॉल्ट्री फार्म मालिकों को मुर्गियों के रेट कम करने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही हैचरी में मुर्गी पालकों को पहले जो चूजा 35 रुपये में मिलता था, वह अब पांच रुपये में मिल रहा है।
चिकन खाने से कोरोना वायरस फैलने को लेकर अभी कोई रिसर्च नहीं हुआ है। चिकन और कोरोना वायरस में अभी तक कोई आपसी लिंक नहीं मिला है। जिले में अभी तक किसी मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। - डॉ. अविनाश खन्ना, एसीएमओ।