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भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली पहुंची रांसी

Wed, 18 May 2016 07:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग (उखीमठ)
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द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की डोली धाम को प्रस्थान करती हुई। - फोटो : Amar Ujala
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बाबा भोलेनाथ के जयकारों के बीच द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली पहले पड़ाव रांसी गांव पहुंच गई है। 20 मई को डोली धाम पहुंचेगी और उसी दिन शुभ लग्नानुसार कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। सुबह छह बजे से शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। मुख्य पुजारी गंगाधर लिंग ने द्वितीय केदार की विशेष पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया।
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इसके बाद रावल भीमाशंकर लिंग ने पुजारी को पगड़ी पहनाई और मद्महेश्वर धाम की छह माह की पूजा का दायित्व सौंपा। सुबह 7.30 बजे मंदिर की परिक्रमा के बाद भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली ने धाम के लिए प्रस्थान किया। डोली सैकड़ों भक्तों के साथ डंगवाड़ी, प्रेमनगर, ब्राह्मण खोली, मंगोली गांव होते हुए सुबह 9 बजे मंगोलचारी में पहुंचा। यहां पर परंपरारनुसार रावल और मुख्य पुजारी ने डोली की आरती की।

इसके बाद पाली-फाफंज, पिलौंजी, मनसूना, राउलेंक, उनियाणा होते हुए तीन बजे डोली अपने पहले पड़ाव राकेश्वरी मंदिर रांसी गांव पहुंची। यहां पर जयकारों और वाद्य यंत्रों के साथ ग्रामीणों ने आराध्य का भव्य स्वागत किया। मुख्य पुजारी गंगाधर लिंग ने द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर और मां राकेश्वरी की पूजा-अर्चना कर संयुक्त भोग लगाया।
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द्वितीय केदार बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे अपने दूसरे पड़ाव गौंडार गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। शुक्रवार को सुबह सात बजे डोली धाम के लिए प्रस्थान कर प्रात: 11 बजे पहुंचेगी और वैदिक मंत्रोच्चार व शुभ लग्न पर उसी दिन कपाट खुलेंगे। डोली धाम प्रस्थान के दौरान पूर्व विधायक आशा नौटियाल, पूर्व प्रमुख फते सिंह, दर्शनी देवी सहित सैकड़ों भक्त मौजूद थे।
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