जिले में उत्पादित होने वाले उत्पादों को भी अब अपना ब्रांड नेम मिल सकेगा। अलग-अलग उत्पादों को उनके ब्रांड नाम से प्रचारित-प्रसारित करने के लिए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कृषि, उद्यान, पशुपालन और वन विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी रंजना ने कहा कि ब्रांड नेम का चयन कर उत्पादों पर स्टिकर लगाए, जिससे उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी हो। कहा कि जैविक जनपद होने के कारण यहां पैदा होने वाले उत्पादों को सुगमता से बाजार मिले। इसके लिए विभागों को अभिनव प्रयोग करने होंगे। कहा कि जैविक उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है।
यह स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी भी हैं। उन्होंने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि बड़ी इलायची के उत्पादन क्षेत्र का चिन्हीकरण कर आगामी योजना बनाएं। इस मौके पर जिलाधिकारी ने फूलों के उत्पादन पर जोर देते कहा कि इसे लोगों की आजीविका से जोड़ा जाए।
इसके अलावा उन्होंने दुग्ध केंद्रों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सभी समूहों को सक्रिय करने को कहा। बैठक में सीडीओ डीआर जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।