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आयुष्मान कार्डधारक को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड का नहीं देना होगा शुल्क

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रुद्रपुर। अटल आयुष्मान योजना में मरीजों के इलाज के नाम पर गलत क्लेम करने के बाद रुद्रपुर के निजी अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर ने जुर्माना जमा कर दिया। डॉक्टर पर क्लेम की गई राशि का तीन गुना जुर्माना लगाया गया था।
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काशीपुर बाईपास रोड पर स्थित कृष्ण अस्पताल को अटल आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत किया गया था। मरीजों के इलाज के नाम पर फर्जी क्लेम करने पर 25 अप्रैल को अस्पताल को योजना से निलंबित कर दिया गया था। अस्पताल संचालक विजय कुमार और डॉ. गौरव के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया था। अस्पताल के संचालक पर आरोप था कि 17 मरीजों के इलाज के नाम पर उन्होंने 55,800 रुपये का क्लेम किया। सहायक निदेशक राज्य स्वास्थ्य अभिकरण डॉ. अमलेश कुमार और सलाहकार क्रियान्वयन समिति के डॉ. मदन मोहन को इसकी जांच सौंपी गई थी। जांच समिति ने रिपोर्ट में अस्पताल संचालक के जवाब को असंतोषजनक माना था। साथ ही इलाज के नाम पर क्लेम की गई राशि का तीन गुना जुर्माना लगाया था। इसके बाद अस्पताल संचालक ने 1.67 लाख रुपये की राशि जमा कर दी है। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि अस्पताल संचालक की ओर से जुर्माना जमा कर दिया गया है।
आयुष्मान कार्डधारक को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड का नहीं देना होगा शुल्क
रुद्रपुर। आयुष्मान कार्ड धारकों को अब जिला अस्पताल में खून की जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और 53 अन्य जांचें कराने के लिए शुल्क नहीं देना पड़ेगा। शासन के आदेश के बाद जिला अस्पताल में 56 जांचें आयुष्मान कार्ड धारकों को मुफ्त में मिलेगी। सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को जिले के नौ सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज की सुविधा तो मिल रही थी लेकिन जांच करवाने के लिए मरीजों को अपने पास से रुपये खर्च करने पड़ते थे। जांच में ज्यादा रुपये खर्च होने से मरीजों के तीमारदार महंगी जांचें कराने से बच रहे थे। जानकारी के अनुसार एचआईवी, डेंगू, मलेरिया, यूरीन टेस्ट, ईसीजी, यूसीजी और तमाम तरीके के टेस्ट अस्पताल में निशुल्क मिलेंगे। इस संबंध में जिला अस्पताल के पीएमएस टीडी रखोलिया ने बताया कि शासन से मिले आदेश के बाद अब करीब 56 जांचे जिला अस्पताल में निशुल्क होंगी।
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आयुष्मान योजना का प्रचार-प्रसार नहीं करने पर कटेगा वेतन
काशीपुर। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन अरोग्य योजना (अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना) के एक वर्ष पूरे होने पर विभाग ने पखवाड़े के तहत अटल आयुष्मान योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर वेतन काटने की चेतावनी दी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अटल आयुष्मान योजना का एक वर्ष पूरा होने पर एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल प्रशासन को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 15 से 30 सितंबर तक आयुष्मान भारत पखवाड़ा मनाया जाना है। इसमें क्षेत्र के मोहल्लों में शिविर लगाकर आयुष्मान भारत योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, गोल्डन कार्ड बनाने के लिए कहा गया है। कार्य योजना के हिसाब से प्रतिदिन शिविर शाम छह से सात बजे तक आयोजित करना है। साथ ही कार्यक्रम की फोटो आयुष्मान भारत व्हाट्सएप ग्रुप में अपलोड करने के लिए कहा है। यदि किसी क्षेत्र में कार्यक्रम नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी कर्मचारी का उसी दिन का वेतन नो वर्क नो पे के आधार पर काटने की चेतावनी दी है।
डॉक्टर गए छुट्टी पर, मरीज लगा रहे चक्कर
काशीपुर। सस्ते इलाज की आस में सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले गरीब मरीजों को फजीहत झेलनी पड़ रही हैं। दो डॉक्टरों के छुट्टी पर जाने और एक डॉक्टर की सेवा समाप्त होने के चलते सरकारी अस्पताल में मरीजों की कोई सुध लेने वाला नहीं हैं।
एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में लंबे समय से संविदा पर हड्डी रोग चिकित्सक डॉ. विकास गहलोत कार्यरत थे। अटल आयुष्मान योजना में कथित धांधली के आरोप में विभाग ने 16 सितंबर को अस्पताल से सेवा समाप्त कर दी, जबकि संविदा पर तैनात फिजीशियन डॉ. ईश्वर अग्रवाल और ईएनटी डॉ. आरके सिंह 15 दिनों के अवकाश पर चले गए हैं। इससे मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है।
मंगलवार को ओपीडी में सिर्फ 175 मरीजों को परामर्श दिया गया, जबकि आम तौर पर प्रतिदिन 450 से 500 ओपीडी होती थी। अस्पताल में भविष्य में हड्डी रोग विशेषज्ञ की नई नियुक्ति की कोई उम्मीद नहीं है। अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने पर मरीजों को या तो वापस लौटना पड़ रहा है या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर अस्पताल प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि फिलहाल नए चिकित्सक आने की कोई उम्मीद नहीं है।
बच्चों के लिए अस्पताल में पैरासिटामोल सिरप नहीं
काशीपुर। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में काशीपुर के अलावा, ठाकुरद्वारा, बाजपुर, जसपुर, रामनगर से काफी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं।
अस्पताल में करीब एक माह से 80 से 100 बच्चों की प्रतिदिन ओपीडी हो रही हैं, लेकिन वायरल बुखार में दी जाने वाली पैरासिटामोल सीरप तक अस्पताल में नहीं है। गरीब तबके के मरीज बाहर मेडिकल स्टोरों से दवा खरीदने को मजबूर है। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि पैरासिटामोल सीरप की डिमांड भेजी गई है। शीघ्र पहुंचनी की उम्मीद है। स्थायी बाल रोग विशेषज्ञ आने पर बच्चों के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की जाएगी।
बच्चों को दी डेंगू से बचाव की जानकारी
सुल्तानपुर पट्टी। अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर एसपी सिंह ने बुधवार को उर्दू मीडियम स्कूल में पढ़ने वाले 70 छात्र-छात्राओं को डेंगू, संक्रमण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। वहीं उर्दू स्कूल परिसर में लंबे समय से जमा पानी को लेकर पूछे गए सवाल पर सहायक अध्यापक दीपक कुमार ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों व ईओ को पानी निकासी करने के लिए कई बार बोला है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बच्चे और शिक्षक, भोजन माता भी गंदे पानी से होकर कक्षा में पहुंचते हैं। समाजसेवी एजाज हुसैन ने बताया कि क्षेत्र के इस स्कूल को देखने वाला कोई अधिकारी नहीं है। स्कूल में घास उगने से कीड़े मकोड़े का काटने का डर बना रहता है।
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- घर या बाहर जहां पानी इकट्ठा होता है, वहां मलेरिया एवं डेंगू के मच्छर पनपते हैं।
- डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है और इन्हीं मच्छरों के काटने से डेंगू बीमारी होती।
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