नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति इस वर्ष केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद भेंट करेगी। प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को चार वस्तुएं डिब्बे में पैक कर भेंट की जाएंगी। केदारनाथ में मौजूद छोटे पत्थरों से तीन लाख से अधिक शिवलिंग तैयार किए जाएंगे।
इस बाद केदारनाथ के दर्शनों को पहुंचने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में विशेष सौगात दी जाएगी। छोटे पत्थरों पर बने शिवलिंग, केदारनाथ की मिट्टी, दो छोटी बोतलों में मंदाकिनी व सरस्वती नदी का जल और चार चौलाई के लड्डू प्रसाद के रूप में एक डिब्बे में पैक कर भेंट किया जाएगा।
केदारनाथ धाम में मौजूद छोटे-छोटे पत्थरों को तराश कर उन पर शिवलिंग उकेरा जाएगा। पहले चरण में 15 हजार शिवलिंग तैयार किए जाएंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से तीन लाख से अधिक शिवलिंग बनाए जाएंगे।
निम के आमोद पंवार और मनोज सेमवाल का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पाद चौलाई को आमजन तक पहुंचाने के साथ काश्तकारों को आर्थिक रूप से समृद्ध करना है। शिवलिंग तैयार करने और डिब्बों की पैकिंग के लिए कुछ युवाओं को दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
चौलाई को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही केदारनाथ की महिमा से श्रद्धालुओं को अवगत कराने के उद्देश्य से विशेष प्रसाद वितरण की योजना है। यात्राकाल में प्रसाद बनाने और पैकिंग का कार्य धाम में ही होगा। - कर्नल अजय कोठियाल, प्राचार्य निम।
केदारनाथ धाम के प्रतीक के रूप में शिवलिंग सहित अन्य वस्तुओं को प्रसाद के रूप में इस बार श्रद्धालुओं को दिया जाएगा। निम के साथ मिलकर समिति यह कार्य करेगी। - अनिल शर्मा, कार्याधिकारी बीकेटीसी।