केदारनाथ धाम पहुंचकर नागेंद्र देवता ने शनिवार को अपने अराध्य भगवान आशुतोष के दर्शन किए। भक्त और भगवान के मिलन के मौके पर पूरी केदारपुरी शिव भक्ती में डूब गई। केदारनाथ में शनिवार को दिनभर आस्था का सैलाब उमड़ा रहा।
बीते तीन माह में पहली बार यहां मंदिर परिसर भक्तों से भरा रहा। नागेंद्र देवता की डोली के मंदिर में पहुंचते ही पूरा क्षेत्र भगवान शिव और नागेंद्र के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा नागेंद्र देवता की विशेष पूजा-अर्चना कर धाम पहुंचने पर स्वागत किया गया।
धार्मिक अनुष्ठान की सभी औपचारिकताओं के बाद प्रात: 10 बजे नागेंद्र देवता ने अराध्य भगवान आशुतोष के स्वयंभू लिंग के दर्शन किए। इस मौके पर डोली के साथ पहुंचे पुजारी व देव पश्वाओं ने पूजा-अर्चना की। दर्शन के उपरांत डोली मंदिर परिसर में विराजमान हुई।
इस मौके पर बाबा केदार के दर्शनों को पहुंचे भक्तों ने भी दर्शन कर मनौती मांगी। इससे पूर्व प्रात: 7 बजे लिनचोली से देवता की डोली ने धाम के लिए प्रस्थान किया। छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट होते हुए डोली केदारनाथ पहुंची। आयोजन समिति के अध्यक्ष विजेंद्र मेवाड़ व सचिव विनोद थपलियाल ने बताया कि रविवार को धाम से वापसी करते हुए नागेंद्र देवता की डोली बजीरा गांव पहुंचेगी।
1138 ने किए दर्शन
केदारनाथ में शनिवार को 1138 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। पिछले डेढ़ माह में यह पहला मौका है, जब एक दिन में इतनी संख्या में दर्शनार्थी रहे हों। इस दौरान मंदिर में दिनभर मौसम सुहावना रहा। पड़ावों पर भी धूप खिल रही।