इस मौके पर मंदिर समिति ने उन्हें पेयजल लाइन को लेकर ज्ञापन भी दिया। केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन दिया।
मंगलवार रात को मोहनखाल में विश्राम के बाद बुधवार सुबह पौने नौ बजे केंद्रीय मंत्री उमा भारती कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंची। वे करीब दो घंटे तक मंदिर में रही। इससे पहले मंगलवार को बैकुंठ चतुर्दशी के मौके पर कार्तिक स्वामी मंदिर में रात्रिभर भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 22 नि:संतान दंपतियों ने हाथ में दीये रख जागरण किया। बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर मंदिर के मुख्य पुजारी नंदू पुरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना कर भगवान को भोग लगाया।
दो दिवसीय आयोजन में अगस्त्यमुनि व पोखरी ब्लाक के पचास से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर श्रीकार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह नेगी, सचिव बलराम नेगी, एमआर नौटियाल, चंद्र सिंह नेगी, पूरन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
उमा भारती ने किए धारी देवी के दर्शन
श्रीनगर। जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती ने प्रसिद्ध सिद्धपीठ धारी देवी मंदिर में पूजा अर्चना की। उसके बाद वह ऋषिकेश की ओर निकल ग्रईं। मंगलवार को उमा भारती द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होने के मौके पर वहां दर्शन के लिए गई थीं। वापसी में वह हेलीकाप्टर से श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड में उतरी। जहां से सड़क मार्ग से होते हुए धारी मंदिर पहुंचीं। उमा ने मंदिर में लगभग 15 मिनट तक पूजा-अर्चना की। धारी के दर्शन करने के बाद वह हेलीकाप्टर से ऋषिकेश की ओर निकल गई।