अनुसूचित जाति के 37 अभ्यार्थियों को तीन वर्ष बाद भी समाज कल्याण विभाग से कन्याधन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली 50 हजार की राशि के लिए लोग जहां कई चक्कर विभाग के लगा चुके हैं, वहीं अधिकारी बजट का रोना रो रहे हैं।
वर्ष 2013-14 में जिले में 166 अनुसूचित जाति के परिवारों ने कन्या धन योजना के लिए समाज कल्याण विभाग में आवेदन किया था। विभाग की ओर से 129 परिवारों को ही योजना के तहत मिलने वाली 50 हजार रुपये दिए गए। 37 परिवार आज भी वंचित हैं। संबंधित कन्याओं के परिजन विभागीय कार्यालय में कई बार अपना दुखड़ा रो चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है।
ऊखीमठ ब्लाक के दिउली गांव निवासी बिंदी लाल का कहना है कि वर्ष 2013 के आखिरी में विभाग में कन्या धन के लिए आवेदन किया था, लेकिन एक रुपया भी नहीं मिला है। इन हालात में बीते वर्ष बेटी की शादी के लिए गांव में 60 हजार रुपये कर्ज लेना पड़ा। यही स्थिति अन्य की भी बनी हुई है।
कांग्रेस कमेटी के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएल शाह का कहना है कि विभाग सभी प्रमाणपत्र सही होने के बावजूद 37 परिवारों को योजना के लाभ से वंचित रखा गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में जांच की मांग की है।
इधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरेंद्र लाल का कहना है कि बजट नहीं मिलने से कुछ परिवारों को कन्या धन योजना की धनराशि नहीं मिल पाई है। इस संबंध में विभागीय व प्रशासनिक स्तर पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।