भूस्खलन प्रभावित सेमी क्षेत्र से राहत का सपना अधूरा, निर्माण में तेजी की मांग
गुप्तकाशी। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने और सेमी क्षेत्र के भूस्खलन प्रभावित हिस्से से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित काकड़ागाड़-गुप्तकाशी बाईपास का निर्माण वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। कई स्थानों पर सड़क निर्माण, सुरक्षा दीवार और ढलान स्थिरीकरण के काम अधूरे पड़े हैं।
सेमी गांव निवासी एवं प्रदेश व्यापार संघ कार्यकारिणी सदस्य मदन सिंह रावत ने बताया कि बरसात के दौरान निर्माणाधीन हिस्सों से आवाजाही जोखिमभरी हो जाती है। सड़क के अधूरे काम के कारण स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद सेमी क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन और भूधंसाव को देखते हुए इस बाईपास की योजना बनाई गई थी। बाईपास के बनने से सिगोली, ल्वारा, अन्द्रवाड़ी, नमोली, लमगौंडी, देवली और भणिग्राम समेत एक दर्जन से अधिक गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी और स्थानीय ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से निर्माण कार्य में तेजी लाने और परियोजना को पूरा करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग की है।
कुंड बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है और स्थानीय व तकनीकी कारणों से प्रभावित हुआ है। विभाग की ओर से कार्य को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि शेष कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाकर बाईपास को जल्द से जल्द उपयोग में लाया जा सके। ओंकार पांडे, अधिशासी अभियंता एनएच खंड