रुद्रप्रयाग। पहाड़ों में इन दिनों काफल की पैदावार जोरों पर है। ग्रामीण महिलाएं कई किमी दूर जंगलों से काफल लाकर बाजारों में बेच रही हैंं। बच्छणस्यूं निवासी मीना देवी ने बताया कि वह करीब 30 किलो काफल लेकर डाटपुल पहुंची जो हाथों-हाथ बिक गया। खेती-बाड़ी के साथ काफल ग्रामीणों के लिए आय का मुख्य जरिया बना हुआ है।
वहीं जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रघुबीर सिंह पाल के अनुसार, काफल फाइबर से भरपूर है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। साथ ही, यह तनाव, अवसाद और एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याओं में भी बेहद लाभकारी है। संवाद