रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे का तिलवाड़ा में तीन वर्ष बाद भी चौड़ीकरण नहीं होने से बाजार में जाम की समस्या विकट होती जा रही है। इन हालातों में यात्रा काल में वाहनों के रैले से कैसे निपटा जाएगा, इसे लेकर कोई योजना नहीं है।
जिला मुख्यालय से लगभग 9 किमी की दूरी पर मंदाकिनी नदी किनारे बसा तिलवाड़ा बाजार मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तल्लानागपुर और जखोली ब्लॉक के सिलगढ़, लस्या और भरदार पट्टी के गांवों का मुख्य बाजार होने के बाद भी यहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रसाद योजना में सुमाड़ी मार्ग पर बनी पार्किंग जहां पांच वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। वहीं, ऑलवेदर रोड परियोजना में तिलवाड़ा बाजार में गौरीकुंड हाईवे का तीन वर्ष बाद भी चौड़ीकरण नहीं होने से जाम की स्थिति दिनोंदिन विकट हो रही है। व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सकलानी, महावीर जगवाण, नरेश भट्ट आदि का कहना है कि केंद्र सरकार की ऑलवेदर रोड परियोजना से कस्बे की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन भूमि अधिग्रहण की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से तीन वर्ष बाद भी सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस ने कस्बे में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।