जिले की दोनों सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबला रोचक बनाने के साथ ही भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। रुद्रप्रयाग सीट पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रदीप थपलियाल ने बगावत कर जहां पार्टी की पेशानियों पर बल ला दिया है। वहीं, केदारनाथ में पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने भाजपा की राह को मुश्किल बना दिया है।
इसके अलावा दोनों सीटों पर अन्य 9 निर्दलीय में कई प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों सीट पर चुनावी गणित के समीकरण और रोचक देखने को मिल सकते हैं। 95 हजार मतदाता वाली रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसमें 8 निर्दलीय हैं। यहां, निर्दलीय में अगस्त्यमुनि के ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण बच्छणस्यूं, रानीगढ़ और धनपुर क्षेत्र में अपनी पकड़ के दम पर मैदान में उतरे हैं।
वहीं, कांग्रेस से बगावत करने वाले थपलियाल के नामांकन में जिस तरह से जिले के कांग्रेसी व जखोली क्षेत्र के उनके समर्थक पहुंचे थे, उससे चुनावी समीकरण काफी बदल गए हैं। ऐसे में अब तक भाजपा-कांग्रेस के जीत में अहम भूमिका निभाने वाला जखोली ब्लाक इन दलों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर सकता है।
दूसरी तरफ 82 हजार मतदाता वाली केदारनाथ सीट पर भी निर्दलीय अपना दम भर रहे हैं। पूर्व विधायक आशा नौटियाल जहां निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। वहीं, कुलदीप रावत अपनी पैठ बनाते हुए दोनों दलों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।