रुद्रपुर की आरएसबी कंपनी के एक कक्ष में जांच पड़ताल करती टीम।
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रुद्रपुर। भारी वाहनों और एयरक्राफ्ट के कलपुर्जे बनाने वाले आरएसबी ट्रांसमिशन कंपनी के सिडकुल स्थित कंपनी में आयकर टीम ने 28 घंटों तक दस्तावेजों को खंगाला। टीम ने 20 से अधिक फाइलों को पहले तो टीम ने एक केबिन में सील किया और अधिकतर दस्तावेजों को टीम साथ ले गई। टीम ने कंपनी में विभिन्न केबिनों में रखे कंप्यूटरों को भी घंटों तक खंगाला और फाइलों के प्रिंट आउट निकालकर अपने पास जांच के लिए रखे। इस दौरान कंपनी में उत्पादन और सप्लाई के संबंध में भी संबंधित कंपनी अधिकारियों से पूछताछ की गई।
दरअसल सिडकुल की सेक्टर-11 में स्थित आरएसबी ट्रांसमिशन कंपनी में टाटा मोटर्स समेत भारी वाहनों के लिए पार्ट्स बनाए जाते हैं। यह कंपनी पुणे के आरएसबी समूह की है। समूह के कारोबार में करोड़ों की टैक्स गड़बड़ी की आशंका पर आयकर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार से पुणे सहित समूह के विभिन्न प्रतिष्ठानों में एक साथ छापेमारी की थी। इसी क्रम में हल्द्वानी और काशीपुर की संयुक्त टीम ने भी सिडकुल स्थित कंपनी में छापामारी की थी। बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे कंपनी में पहुंची टीम ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे तक कंपनी में दस्तावेजों को खंगाले थे।
हल्द्वानी से आए आयकर विभाग के सहायक निदेशक (जांच) जेपी सिंह ने बताया कि आरएसबी ग्रुप के देशभर में स्थित प्रतिष्ठान और कंपनियों में विभाग की टीमें 133 (ए) सर्वे कर रही हैं। आयकर से संबंधित दस्तावेजों की फाइलें व कंपनी में बने तमाम केबिनों के कंप्यूटर की जांच की गई। जांच में आयकर से संबंधित दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर एक केबिन में सील कर दिया है। कुछ जरूरी दस्तावेजों को टीम अपने साथ भी ले गई है, जो दस्तावेज सील किए हैं, उनको भी जांच में लिया जाएगा। विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। टीम में काशीपुर सहायक आयकर आयुक्त सुरेंद्र वर्मा, अर्नब सरकार, निरीक्षक भवानी शंकर शर्मा, संगम अग्रवाल आदि थे।
आयकर के छापे से कंपनी में मचा रहा हड़कंप
रुद्रपुर। आयकर विभाग की छापामारी से कंपनी अधिकारियों में हड़कंप मचा है। माना जा रहा है कि छापामारी में टैक्स चोरी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली है। आयकर की टीम ने पुणे, जमशेदपुर सहित कई जगहों पर ग्रुप की कंपनी और प्रतिष्ठानों में छापामारी की है। कानपुर और देहरादून के आयकर आयुक्त के निर्देश पर कुमाऊं मंडल की टीम ने सिडकुल में पहुंचकर ग्रुप की कंपनी में दस्तावेज खंगाले और संबंधित अधिकारियों से जानकारी भी ली।