प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान बंद करने के आदेश का जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों ने विरोध किया। ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल, कनिष्ठ प्रमुख कवींद्र सिंधवाल, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र भंडारी, पूर्व जिपं सदस्य आशा डिमरी ने कहा कि सरकार के इस तुगलकी फरमान से जहां संस्थान में कार्यरत संविदा कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे, वहीं करोड़ों की लागत से बना भवन देखरेख के अभाव में खंडहर हो जाएगा। सरकार ने अपना निर्णय जल्द वापस नहीं लिया तो जनांदोलन किया जाएगा। इधर, जन अधिकार मंच के मोहित डिमरी का कहना है कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से यहां पढ़ रहे युवाओं को अब दूरस्थ संस्थानों की दौड़ लगानी पड़ेगी, जिससे उन्हें मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने जनांदोलन के लिए सभी लोगों से एकजुट होने की अपील की है। ब्यूरो