रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ। पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में शिक्षक कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जा रही। कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन को दबाने की हर कोशिश का करारा जवाब दिया जाएगा। इस मौके पर कर्मचारी-शिक्षकों ने 22 मार्च को जिला मुख्यालय में ऐतिहासिक रैली निकालने का भी ऐलान किया।
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के राज्य व्यापी आंदोलन के तहत विकास भवन परिसर में जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारी शिक्षक 16वें दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। सभा को एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण ने कहा कि जब तक कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। एसोसिएशन के संयोजक मान विरेन्द्र सिंह बर्त्वाल ने कह कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने की कोशिश में लगी है, जिसका पुरजोर विरोध किया जायेगा। बताया कि आगामी 22 मार्च को जिला मुख्यालय पर ऐतिहासिक रैली का आयोजन किया जायेगा। आंदोलन की सफलता के लिए कर्मचारी नेता धनंजय भट्ट एवं सौम्य ढौंढियाल के निर्देशन में सच दस्ते ने विभिन्न विभागों में छापा मारा। इसके अलावा ऊखीमठ तहसील परिसर में चल रहे समान्य-ओबीसी कर्मचारियों के आंदोलन को ऊखीमठ में ब्लाक प्रमुख श्वेता पांडे, जिला पंचायत सदस्य रीना बिष्ट, कनिष्ठ प्रमुख शैलेंद्र कोटवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों व सेवानिवृत्त शिक्षकों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस मौके पर डीसीएस बिष्ट, एसएस मिंगवाल, दिनेश भट्ट, रणजीत सिंह गुसाई, कुशलानंद त्रिपाठी, डीपी दरमोड़ा, शिल्पी भंडारी, विपिन त्रिपाठी, अब्बल सिंह रावत, एनडी जुयाल, मगनानंद भट्ट, वंशीधर गौड़, कैलाश मैठाणी, मनोज शर्मा, भूपेंद्र राणा, प्रेम सिंह राणा आदि मौजूद थे। संवाद