जिले में डिप्थीरिया का संदिग्ध मरीज मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट जोन में आ गया है। सभी अस्पतालों में गले में दर्द, खांसी और सांस लेने में दिक्कत की समस्या से जुड़े मरीजों की गहनता से जांच की जा रही है। साथ ही सीएमओ ने सभी चिकित्साधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के एक गांव में 17 वर्षीय किशोरी में डिप्थीरिया के लक्षण पाए गए थे। इसके बाद मरीज के स्वाब को जांच के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रयोगशाला नई दिल्ली भेजा गया है। सीएमओ डाॅ. हरीश चंद्र सिंह मार्तोलिया ने बताया कि मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। संबंधित एएनएम और आशा कार्यकर्ता से प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है। डिप्थीरिया से बचाव के लिए वैक्सीनेशन होता है। जन्म के बाद से लेकर 15 वर्ष तक की उम्र तक होने वाले टीकाकरण के दौरान किसी टीका से वंचित होने की स्थिति में किशोरावस्था में डिप्थीरिया के 1000 में एक या दो मामले होते हैं। जिले में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन व दवा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय सहित सीएचसी, पीएचसी और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों की जांच पूरी गहनता से करने को कहा गया है। अगर, कोई मरीज गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत की शिकायत करता है, तो उसे विशेष चिकित्सा के जरिए उसकी स्वाब जांच के लिए लेने के निर्देश दिए गए हैं।