जिले के आखिरी गांव गौंडार के ग्रामीण इस बार विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। गांव में 183 वोटर हैं। ग्रामीणों को मतदान के प्रति जागरूक करने में अमर उजाला की अहम भूमिका रही है। वर्ष 2009 के लोकसभा और 2012 के विधानसभा चुनावों का ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ नारे के साथ बहिष्कार किया था।
जिला मुख्यालय से 82 किमी (70 किमी सड़क व 6 किमी पैदल) दूर बसा गौंडार गांव आज भी विकास की पहली सीढ़ी भी नहीं चढ़ पाया है। ग्रामीणों को बुखार की दवा से लेकर एक किलो नमक के लिए छह किमी पैदल दूरी तय कर रांसी पहुंचना होता है। सेंचुरी %