गढ़वाल मंडल विकास निगम ने जरूरतमंद (दिव्यांग/अस्वस्थ्य) पर्यटकों को विश्राम गृह तक पहुंचाने के लिए सोलर ई-रिक्शा का उपयोग कर रहा है।
तिलवाड़ा में जीएमवीएन के क्षेत्रीय प्रबंधक सुदर्शन सिंह खत्री ने बताया कि विश्राम गृह के साथ 13 हट्स भी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्राकाल में पहुंच रहे पर्यटक/यात्रियों में कई दिव्यांग, बुजुर्ग और अस्वस्थ हैं, जिन्हें सोलर रिक्शा से हट्स तक पहुंचाया जा रहा है। तिलवाड़ा के अलाव हर्षिल में भी निगम अपने जरूरतमंद पर्यटकों के लिए यह सुविधा शुरू की है।
सोलर ई-रिक्शा, पहाड़ में सुलभ यातायात का बेहतर विकल्प बन सकता है। साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभकारी है। सोलर ई-रिक्शा के संचालन में पांच किमी क्षेत्र में एक लीटर डीजल से भी कम खर्चा है। जीएमवीएन की इस पहल से पहाड़ में नगर पंचायत/नगर पालिका सहित छोटे-छोटे कस्बों, बाजारों में दो से पांच किमी परिक्षेत्र में सुलभ यातायात के लिए भी सोलर ई-रिक्शा का संचालन कर सकते हैं।