ऊखीमठ ब्लाक के जीआईसी परकंडी मेें कक्षा 9 से 12 वीं की 15 छात्राओं की तबीयत सोमवार को अचानक खराब हो गई। इसको लेकर विद्यालय में काफी देर अफरा-तफरी की स्थिति रही।
विद्यालय सोमवार को प्रात: 7.30 बजे शुरू हुआ। 9.30 बजे तीसरे वादन के बाद कक्षा 9 के कक्ष में तीन छात्राएं चिल्लाने लगीं। जब तक शिक्षक कुछ समझ पाते, कक्षा 10, 11 और 12वीं की छात्राएं भी जोर-जोर से चिल्लाने के साथ रोने लगीं और बेहोश हो गईं। इस दौरान कई छात्राओं के हाथ-पैर मुड़ गए।
यह देख, विद्यालय के सभी शिक्षक व स्टाफ सकते में आ गए। आनन-फानन अभिभावक-शिक्षक संघ के अध्यक्ष गजेंद्र चौधरी को बुलाया गया। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया, जिस पर संबंधित छात्राओं के अभिभावकों को सूचित किया गया। छात्राओं के हाथ-मुंह ठंडे पानी से धोने और लिटाने पर तबीयत में कुछ सुधार हुआ।
इस दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व अन्य सदस्य भी स्कूल पहुंचे। प्रधानाचार्य एससी मलासी ने उन लोगों से विचार-विमर्श के बाद अन्य छात्र-छात्राओं की मदद से छात्राओं को घर भेजा दिया।
मलासी ने बताया कि उन्हें विद्यालय में सात वर्ष हो गए हैं, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार हुई है। उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए पूरे एहतियात बरते जा रहे हैं। इधर, इस घटना से अभिभावक भी सकते में हैं।
मानसिक रूप से भावुक बच्चों में यह प्रक्रिया होती है। किसी बच्चे को रोते देख, अन्य बच्चे भी रोने लगते हैं। यह गंभीर समस्या नहीं है। थोड़ी एहतियात बरतने की जरूरत है।
डा. ओपी आर्य एसीएमओ रुद्रप्रयाग