भूस्खलन के कारण बंद हो गया था पैदल मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
फाटा। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास भूस्खलन से बाधित हुए मार्ग को मंगलवार को खोल दिया गया। ऐसे में दो-तीन दिनों से सोनप्रयाग सहित अन्य पड़ावों पर रोके गए करीब 10 हजार तीर्थयात्रियों को केदारनाथ धाम की ओर रवाना किया गया।
शनिवार देर रात चीरबासा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण पैदल मार्ग बाधित हो गया था। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दो दिनों के लिए यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि केदारनाथ से गौरीकुंड की ओर आने वाले यात्रियों को प्रशासन और पुलिस के जवानों की निगरानी में कुछ अंतराल के बाद संवेदनशील स्थल पार कराया जा रहा था। मंगलवार को लोनिवि के श्रमिकों ने मार्ग पर जमा मलबे और बोल्डरों को हटाकर पैदल मार्ग को खोल दिया। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह रावत ने बताया कि चीरबासा में लगातार चट्टान और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। श्रमिक जोखिम उठाकर बार-बार मार्ग खोल रहे हैं और ढीले बोल्डरों को सुरक्षात्मक तरीके से नीचे गिराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मार्ग पर जमा मलबा और बोल्डर हटा दिया गया है। अब आवाजाही सुचारू हो गई है। हालांकि लगातार बारिश के कारण यह क्षेत्र अभी संवेदनशील बना हुआ है। विभाग की टीम मार्ग को और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।