देहरादून से मजदूरी के लिए रुद्रप्रयाग आए एक अधेड़ मजदूर की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मृतक की पत्नी की ओर से देहरादून कोतवाली में दर्ज की गई गुमशुदगी रिपोर्ट के बाद इस हत्या प्रकरण का खुलासा हुआ है। मृतक सहित पांचों लोग कोटेश्वर-बेला में एक सरकारी भवन के निर्माण में मजदूरी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार 19 अप्रैल को हाल निवास बिंदाल बस्ती, देहरादून निवासी फारूख (55) पुत्र फरीद की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसकी पत्नी ने देहरादून कोतवाली में दर्ज कराई थी। कहा था कि उसका पति 2 अप्रैल को मजदूरी के लिए रुद्रप्रयाग गया था। तब से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। इधर, 14 अप्रैल को रुद्रप्रयाग पुलिस को अलकनंदा नदी से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव का फोटो देहरादून सहित अन्य पुलिस थाना व चौकी को भेजा गया।
देहरादून पुलिस ने फोटो की मदद से शव की शिनाख्त फारूख के रूप में की। इसके बाद रुद्रप्रयाग पुलिस ने साथी मजदूरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पांचों लोगों ने स्वीकार किया कि सात अप्रैल को निर्माण स्थल के निकट कहासुनी में उन्होंने फारूख के साथ मार पिटाई की, जिसमें उसकी मौत हो गई। बाद में उसका शव अलकनंदा नदी में फेंक दिया। इसके बाद पांचों देहरादून भाग गए। राजस्व क्षेत्र का मामला होने से पटवारी चौकी में मामला दर्ज कर विवेचना के लिए रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि अभियुक्त बालकराम, शिवनाथ, उमेश, सूरत और शिवनंदन बिहार के रहने वाले हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद इन्हें पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच कोतवाली प्रभारी डीएस पंवार को सौंपी गई है।