देवता के दर्शनों को उमड़े भक्तगण
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भगवान वासुदेव की दिवारा यात्रा में देवताओं और भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान की डोली रात्रि विश्राम के लिए अपने पहले पड़ाव खलियाण बांगर पहुंची। देवता यहां डेढ़ माह तक प्रवास करेंगे। इस दौरान प्रतिदिन गांव के पांच परिवार देवता की पूजा-अर्चना करेंगे। गांव में 220 परिवार निवास करते हैं।
21 वर्ष के बाद रविवार को सुबह सात बजे बजे से पुजार गांव के प्राचीन श्रीवासुदेव भगवान मंदिर में पुजारियों की ओर से देवता की दिवारा यात्रा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू की गई। इस मौके पर बांगर पट्टी के 16 गांवों के ईष्ट देवी-देवता भी मंदिर में पहुंचे।
इसके बाद यज्ञपति द्वारा अतिथि देवताओं की पूजा-अर्चना की। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे भगवान वासुदेव की दिवारा यात्रा शुरू हुई और भगवान ने अपने पहले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया। भगवान की डोली कुंड और बणखंड होते हुए शाम पांच बजे खलियाण-बांगर गांव पहुंची।
इस मौके पर ब्लाक प्रमुख राजकुमारी रावत, जगमोहन सिंह रौथाण, मंदिर समिति के अध्यक्ष महावीर पंवार, आयोजन समिति के बलवंत सिंह, ठाकुर गजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।