धनपुर पट्टी के ग्वाड़-थापली, वीरों, लोली, पीड़ा और पावौ गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में बने रैंतोली-पीड़ा हल्का वाहन मार्ग का बीते वर्ष से चौड़ीकरण चल रहा है। लेकिन काश्तकारों को भूमि दबान का मुआवजा नहीं मिल पाया है। चौड़ीकरण से गांवों में खेतों के लिए जाने वाले रास्ते भी कई स्थानों पर ध्वस्त हो गए हैं। ग्राम प्रधान सैन सिंह रावत व मासंती देवी का कहना है कि लोनिवि (एशियन डेवलपमेंट बैंक) और लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिकारियों को कई बार अवगत कराने पर भी रास्ते ठीक नहीं किए जा रहे हैं।
सड़क चौड़ीकरण में काश्तकारों की कई नाली कृषि भूमि दबने के बाद भी उन्हें मुआवजे का एक भी रुपया नहीं मिला है। जबकि तहसील दिवस व बीडीसी बैठकों में इस मुद्दे पर अधिकारियों से लगातार जवाब मांगा जा रहा है।
वर्ष 2002 में धनपुर पट्टी को सड़क से जोड़ने के लिए स्वीकृत रैंतोली-पीड़ा-पावौ एलबीआर (हल्का वाहन मार्ग) का निर्माण भी पीड़ा तक ही हो पाया।
जनता की मांग पर मार्ग को एचबीआर (भारी वाहन मार्ग) में तब्दील कर चौड़ीकरण शुरू हुआ। रैंतोली से पंचभैयाखाल तक एडीबी और पंचभैयाखाल से पीड़ा लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग को कार्य सौंपा गया। एक वर्ष बाद भी चौड़ीकरण कार्य वीरों गांव तक ही हो पाया है।
कुछ काश्तकारों को मुआवजा बांट दिया गया है। अन्य को अवगत किया जा चुका है। एक स्थान पर विद्युत पोल हटा दिया गया है। दो-तीन स्थानों पर कार्रवाई चल रही है। मार्ग का चौड़ीकरण अप्रैल में पूरा हो जाएगा। इसके बाद टूटे रास्तों व अन्य क्षति की मरम्मत की जाएगी।
- इंद्रजीत बोस, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग