उक्रांद ने जिले में निकाली जनजागरण रैली, की गोष्ठी
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर उक्रांद ने जिले में जनजागरण रैली निकाली। रैली नगर के मुख्य बाजार से जन-जागरण गीतों के साथ निकाली गई। कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण राजधानी बनाओ, पलायन रोको, रोजगार दो... जैसे नारे लगाए। रैली के बाद बेलनी स्थित मंदाकिनी टैक्सी स्टैंड परिसर में गोष्ठी हुई। कहा गया कि 25 वर्ष बाद भी राज्य आंदोलनकारियों के सपने अधूरे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य आंदोलन के शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वक्ताओं ने राज्य निर्माण के 25 वर्षों के सफर को याद करते हुए कहा कि जिन सपनों और उम्मीदों के साथ उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था वे आज भी अधूरे हैं। उक्रांद जिलाध्यक्ष सूरत सिंह झिंक्वाण ने कहा कि 25 वर्ष बाद भी हमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पलायन रोकने के लिए ठोस नीति बनाने, राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य निर्माण की दिशा में सार्थक कदम उठाने की मांग की। वहीं पूर्व केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली ने कहा कि राज्य स्थापना की रजत जयंती पर विशेष सत्र चलाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आए, लेकिन गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। कहा कि उक्रांद आने वाले समय में जनहित के मुद्दों को लेकर गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाएगा। इस अवसर पर पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ऊखीमठ विष्णु कांत शुक्ला, बलबीर चौधरी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध नौटियाल, प्रेम सिंह रावत और शैला रावत आदि मौजूद रहे।