जखोली ब्लॉक के ग्राम पंचायत दरमोला सहित भरदार पट्टी के गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। पानी के लिए दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लग रही है। साथ ही सड़क से लगे लोगों का आधा दिन जलसंस्थान के टैंकर के इंतजार में गुजर रहा है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन से पर्याप्त जलापूर्ति की मांग की है।
ग्राम पंचायत दरमोला के ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। जलसंस्थान द्वारा यहां तीन हैंडपंप लगाए गए हैं। लेकिन ये लगभग छह सौ से अधिक आबादी के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। ग्रामीण तड़के से लेकर देर रात्रि तक दूरस्थ स्रोतों से पानी जुटा में लगे हुए हैं। कई लोगों का दिन तो जलसंस्थान के टैंकर के इंतजार में ही गुजर रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान रीना देवी, पूर्व क्षेपं सदस्य गुड्डी देवी, कमल सिंह, त्रिलोक सिंह, पान सिंह आदि का कहना है कि वर्ष रौंठिया-जवाड़ी पेयजल योजना का डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। जिस कारण क्वीलाखाल, सौंराखाल, घेंघडख़ाल, स्वीली, सेम, डुंगरी, जवाड़ी, रौंठिया सहित अन्य गांवों में भी लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तल्लानागपुर के दुर्गाधार, चोपता, बोरा, मयकोटी में भी पानी का संकट बना हुआ है। जलसंस्थान के ईई संजय सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व हुई बरसात से स्रोतों पर पानी बढ़ा था, लेकिन पुन: गर्मी बढ़ने से हालात गंभीर होने लगे हैं। पहले से 19 पेयजल स्रोत सूख चुके हैं, जिससे संबंधित गांवों में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। सड़क से लगे गांवों में टैंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है।