गुप्तकाशी। ब्लॉक ऊखीमठ के त्यूड़ी गांव के डॉ. आशीष बहुगुणा की दून विश्वविद्यालय देहरादून के रसायन विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति हुई है। इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कीर्तिराम बहुगुणा व अनीता बहुगुणा के पुत्र आशीष की शिक्षा राइका खुमेरा व राइका गुप्तकाशी से हुई। उन्होंने एचएनबी गढ़वाल विवि से रसायन विज्ञान विषय में स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के दौरान उन्होंने नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण की व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी, हिमाचल प्रदेश से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने बताया कि उनके 35 से अधिक शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। संवाद
एसएनसी ने धूमधाम से मनाई 17वीं वर्षगांठ
गुप्तकाशी। सामाजिक कार्यों में सक्रिय संस्था स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी (एसएनसी) की 17वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में ऊखीमठ की खंड विकास अधिकारी अनुष्का, ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु रौथाण और देवर के क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरीश बच्चों के लिए उपहार लेकर पहुंचे। समारोह में ग्राम पंचायत अधिकारी महेंद्र रावत, आत्माराम बहुगुणा, जया पांडे, कविता पुंडीर मौजूद थे। संवाद
मैराथन के जरिए दिया हिमालय बचाने का संदेश
रुद्रप्रयाग। हिमालय, बुग्यालों, वनों और जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश लेकर तुंगनाथ धाम से शुरू हुई तुंगनाथ मैराथन इंडिया गेट तक पहुंचकर संपन्न हुई। अभियान में तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के वेदपाठी एवं पुजारी अभिषेक मैठाणी ने सहयोगियों के साथ भागीदारी की। इस दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक पर बलिदानियों को नमन किया गया। साथ ही रुद्राक्ष का पौधा रोपकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया गया। यह पहल शहीद अमृता देवी और पर्यावरण संरक्षण के लिए बलिदान देने वाले 363 लोगों के त्याग से प्रेरित रही। अभिषेक मैठाणी ने अभियान से पहले युवाओं, सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, धावकों और स्वयंसेवियों से जुड़ने की अपील की थी। संवाद
वन विभाग ने गुलदार और भालू प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई
जखोली। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग की सभी पांच रेंजों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और नियमित गश्त के निर्देश दिए गए हैं। उपवन संरक्षक विनीत कुमार ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील और संभावित प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से प्रचार करने के साथ पोस्टर और पम्फलेट के जरिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। गुलदार और भालू की सक्रियता वाले क्षेत्रों में वनकर्मी नियमित गश्त कर रहे हैं। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और वनकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। संवाद
धरना 85वें दिन भी जारी
चोपता। मोहनखाल -किणझानी-चोपता सड़क मार्ग की मांग को लेकर तुंगनाथ संघर्ष समिति का आंदोलन 85वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने शासन -प्रशासन और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों का कहना है सरकारी तंत्र की नाकामी के चलते वह त्योहार के दिन भी धरने पर हैं। उन्होंने कहा कि कि सड़क की मंजूरी तक किसी भी हाल में आंदोलन समाप्त नहीं किया जायेगा। धरना देने वालों में ललित पाठक, रवीन्द्र थपलियाल, अमर सिंह, वासुदेव सिंह नेगी, रणजीत सिंह, राजीव सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह, गोविंद प्रसाद, अनिल सिंह राणा, हरीश नेगी, संजय सिंह, विनोद सिंह, बालकृष्ण थपलियाल, पुष्कर सिंह आदि थे। संवाद