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राकेश्वरी मंदिर पहुंची डोली, बाबा की जयकारों से गूंजा रांसी क्षेत्र

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राकेश्वरी मंदिर रांसी गांव में भक्तों को दर्शन देते हुए भगवान द्वितीय केदार मद्महेश्वर की डोली। - फोटो : RUDRAPRYAG
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द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मंदिर रांसी गांव पहुंची। ग्रामीणों द्वारा डोली का भव्य स्वागत कर अर्घ्य लगाया गया। इस मौके पर पूरा क्षेत्र आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। शनिवार को द्वितीय केदार की डोली गिरिया गांव में रात्रि प्रवास करेगी। जबकि 22 नवंबर को आराध्य छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होंगे।
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शुक्रवार सुबह सात बजे गौंडार गांव में हक-हकूकधारियों व मंदिर कर्मचारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने भगवान मद्महेश्वर को सामूहिक अर्घ्य लगाया गया। इस अवसर पर मुख्य पुजारी टी. गंगाधर लिंग ने डोली का श्रृंगार कर भोग लगाते हुए आरती उतारी। सुबह नौ बजे भक्तों की जयकारों के साथ चल उत्सव विग्रह डोली ने गांव से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया। इस मौके पर गौंडारवासी आराध्य को गांव की सीमा तक विदा करने पहुंचे। घने जंगल के बीच छह किमी खड़ी चढ़ाई तय करते हुए भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली दो बजे राकेश्वरी मंदिर रांसी गांव पहुंची। मंदिर की परिक्रमा के बाद डोली परिसर में विराजमान हुई। जहां पर ग्रामीणों ने आराध्य को सामूहिक अर्घ्य लगाया गया। इस मौके पर डोली प्रभारी मनीष तिवारी, क्षेत्पर पंचायत सदस्य कुंती देवी, ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार, वयोवृद्ध जीवंती देवी, यशवंत सिंह, मदन सिंह, कलम सिंह, भगत सिंह, बृजमोहन, दिनेश, राजेंद्र, संजय समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।

राकेश्वरी मंदिर रांसी गांव पहुंची द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव डोली।- फोटो : RUDRAPRYAG

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