भक्तों को दर्शन व आशीर्वाद देते हुए रात्रि प्रवास के लिए पहुंची राकेश्वरी मंदिर रांसी
21 को डोली पहुंचेगी मद्महेश्वर मंदिर, पूर्वाह्न 11 बजे खुलेंगे कपाट
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से मंगलवार को मद्महेश्वर मंदिर के लिए रवाना हो गई। डोली रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंची। आज 20 मई बुधवार को डोली गौंडार गांव पहुंचेगी और 21 मई को डोली मद्महेश्वर मंदिर पहुंचेगी। इसी दिन पूर्वाह्न 11 बजे मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जाएंगे।
मंगलवार को चल उत्सव विग्रह डोली ने सुबह साढ़े सात बजे भक्तों के साथ रवाना हुई। इससे पूर्व पंचकेदार गद्दी स्थल में केदार पीठ के रावल जगद्गुरु भीमाशंकर लिंग ने मद्महेश्वर मंदिर के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग को तिलक के साथ अचकन और पगड़ी पहनाकर आशीर्वाद दिया। इसके बाद सभामंडप से चली उत्सव विग्रह डोली ने ओंकारेश्वर मंदिर की परिक्रमा कर फिर प्रस्थान किया। पुजारी वागेश लिंग एवं शिवलिंग ने डोली की आरती उतारी। डंगवाड़ी, प्रेमनगर, ब्राह्मण खोली होते हुए डोली मंगोलचारी पहुंची। यहां महिलाओं ने भजन एवं जागरों से अपने आराध्य को विदा किया। मंगोलचारी में अल्प विश्राम के बाद डोली सलामी, फाफंज, पिलोंजी, मनसूना, राउलेंक,उनियाणा होते हुए दोपहर बाद राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंची जहां ग्रामीणों ने डोली यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, मुंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण, आचार्य विश्व मोहन जमलोकी, मंदिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान, मंदिर प्रबंधक विजेन्द्र बिष्ट, डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी, मधुगंगा ग्रुप के चेयरमैन कुशाल नेगी, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट,सभाषद प्रदीप धर्म्वाण आदि मौजूद थे।