चोपता में व्यापारियों की बातों को सुनते हुए डीएम मनुज गोयल।
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जिलाधिकारी मनुज गोयल ने चोपता का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पर्यटन को बढ़ाने के लिए सुझाव भी मांगे।
बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ निरीक्षण पर पहुंचे डीएम ने चोपता से लेकर तुंगनाथ मंदिर तक सफाई, शौचालय, कूड़ा निस्तारण और बिजली सप्लाई को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी। इस मौके पर चोपता वन पंचायत संघर्ष समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने राजस्व ग्राम पटवाड़ा के सीमांकन की मांग की, जिस पर नायब तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा जा चुका है। ग्राम पंचायत मक्कूमठ के ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह नेगी ने कोरोना काल के दौरान गांव लौटे युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस पहले की बात कही। बैठक में जलसंस्थान के ईई संजय सिंह ने बताया कि तुंगनाथ में पानी का स्रोत सूख चुका है। इससे कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पर यात्राकाल में पेयजल संकट बना रहता है। इस पर डीएम ने जलसंस्थान, जलनिगम और विकासखंड कार्यालय ऊखीमठ को जल संरक्षण योजना के तहत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूद केदारनाथ के वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर, एसपी नवनीत सिंह भुल्लर, बीडीओ डीसी मैठाणी, ईई नवल कुमार, विनोद सेमवाल, ग्राम प्रधान संदीप पुष्पवाण, योगेंद्र सिंह नेगी, कुंवर सिंह बजवाल, राजस्व उप निरीक्षक सतीश भट्ट, मोहन प्रसाद मैठाणी, सतीश मैठाणी, मनोज नेगी आदि मौजूद थे।