जिले में 183 सड़कों में 87 अभी तक प्रभावित हैं। इन सड़कों की स्थाई मरम्मत के लिए संबंधित विभागों ने 1178 लाख रुपये का आगणन तैयार किया है, लेकिन विभागों को अभी तक मामूली धनराशि ही मिलस है। इसके चलते जिले के 17 संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं। इसका खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
बारिश से जिले के अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ के अधिकांश संपर्क मार्ग बंद हैं। कई मार्गों की स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। जखनोली-कुरछोला, रैंतोली-जसोली, खांकरा-छांतीखाल सहित आठ से अधिक संपर्क मार्ग एक महीने से बंद हैं। गुप्तकाशी-कालीमठ-जाल-चौमासी मार्ग हल्की बरसात में भी बंद हो रहा है।
कबिल्ठा गांव के नीचे से लगातार हो रहे भू-धंसाव से सड़क खतरनाक हो गई है। सूर्यप्रयाग-मुसढुंग मार्ग भू-धंसाव, मलबा और बरसाती पानी के कटाव के कारण अवरूद्ध है। मार्ग को बंद हुए एक पखवाड़ा होने को है, लेकिन लोनिवि द्वारा अभी तक सुध नहीं ली गई है। इन मार्गों के बंद होने से क्षेत्रीय गांवों में राशन, सब्जी सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ठप है।
ग्रामीण दो से सात किमी तक पैदल आवाजाही को मजबूर हैं। गांवों में गर्भवती व बीमार को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीण दंडी का सहारा ले रहे हैं। धनपुर विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट का कहना है कि सड़कों के बाधित होने से उनके क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बंद संपर्क मार्ग
जखनोली बैंड-कुरछोला, बुघाणी-मयकोटी, रैंतोली-जसोली, विजयनगर-तैला, मैठाणाखाल-सौंदा, रायड़ी-अरखुंड, विनोवाधार-स्यूंड, तिलवाडा-टिहरी-कोट-लौंगा, गोरपा-सिरवाड़ी, कुसुमगाढ-सुरसाल, सल्या-तुलंगा, पठाली-पलद्वाडी, सूर्यप्रयाग-मुसाढुंग, बलसुंडी-अखोडी, सणगू-सारी, रांसी-तलसारी, द्योलाधारबैंड-गणेशनगर, ऊखीमठ-उनियाणा, गुलाबराय-तूना और रानी मार्ग।
बारिश से बंद सड़कों को ठीक करने के लिए शासन से 20 लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं। अन्य डिवीजनों को भी 5 से 15 लाख के बीच धन मिल गया है। बंद सड़कों पर प्राथमिकता यातायात बहाली की है। स्थायी मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
- इंद्रजीत बोस, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग