पौड़ी, चमोली और टिहरी जनपद के सीमांत क्षेत्र को मिलाकर वर्ष 1997 में गठित रुद्रप्रयाग जनपद के लिए सरकारी बस डिपो का संचालन और इन बसों का रात्रि प्रवास आज भी सपने जैसा है। जबकि देहरादून से चमोली, बागेश्वर व द्वारहाट के लिए संचालित बसें यहां से होकर गुजरती हैं, लेकिन रुद्रप्रयाग के लिए कोई रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं हो पाई।
यहां रोडवेज के डिपो संचालन तो दूर पूर्व में संचालित बसों को फिर शुरू करने के लिए भी प्रयास नहीं हो पाए। स्थिति यह है कि जिला गठन से पहले देहरादून से सोनप्रयाग के लिए जो रोडवेज बस सेवा संचालित होती थी। वह जनपद बनने के कुछ वर्षों बाद बंद हो गई। इस सेवा से जिले की समूची केदारघाटी को लाभ मिलता था।
इधर, एक दशक पहले देहरादून से खेड़ाखाल के लिए शुरू रोडवेज बस सेवा भी दो वर्ष बाद बंद कर दी गई। इस बस सेवा से जिले की 40 किमी क्षेत्र में रहने वाली आबादी को लाभ मिलता था। यात्रा व अन्य कारणों से प्राइवेट बसों के संचालन बंद होने पर ये बस सेवाएं ही इन क्षेत्रों के लोगों का एकमात्र साधन थी।
परिवहन विभाग के माध्यम से ही रोडवेज बसों का संचालन होता है। कहां नई बसें संचालित करनी है, इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई होती है।- सीएस चौहान, एसडीएम सदर, रुद्रप्रयाग