ग्राम प्रधान ने सुरक्षा कार्य कराने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊखीमठ। ग्रामसभा परकंडी के ककोला गांव में एक वर्ष बाद भी आपदा के निशान जस के तस हैं। यहां क्षतिग्रस्त हो चुकी सुरक्षा दीवार के कारण 60 परिवारों के मुख्य संपर्क मार्ग पर खतरा बना है। इसके अलावा इस दीवार के टूटने से गांव के बुजुर्ग दंपती विनोद सिंह बिष्ट और उनकी पत्नी की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
सब्जी उत्पादन कर आजीविका चलाने वाले विनोद सिंह बिष्ट ने बताया कि पिछले वर्ष आई आपदा में उनकी फसलें और कीवी के पेड़ नष्ट हो गए थे जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। अब घर के पास की सुरक्षा दीवार टूटने से हर वक्त खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के संबंध में पिछले वर्ष जिलाधिकारी को अवगत कराया गया था। इसके बाद एसडीएम और कृषि विभाग को जांच के निर्देश भी दिए गए लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। स्थानीय विकास बिष्ट ने बताया कि कई बार मुख्यमंत्री/जिलाधिकारी के जनता दरबार में मामला उठाने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि इस सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य वीबीजी रामजी योजना के तहत स्वीकृत है। उन्होंने संबंधित विभागों से जल्द से जल्द यहां सुरक्षा कार्य कराने की मांग की।