अगस्त्यमुनि ब्लाक के एक गांव में 62 वर्षीय व्यक्ति के एक दिव्यांग किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया।
अगस्त्यमुनि थाने में दी गई तहरीर में पीड़िता के पिता ने कहा है कि बीती 18 अप्रैल को उसकी 17 वर्षीय दिव्यांग बेटी घर पर अकेली थी। घर के अन्य सदस्य अपने काम पर गए हुए थे। इसी दौरान खेतों की चौकीदारी करने वाला कोटीसेम निवासी मोहन सिंह (62) उसके घर में घुस आया और उसने उसकी दिव्यांग बेटी के साथ दुष्कर्म किया।
परिजनों के घर पहुंचने पर पीड़िता ने उन्हें आपबीती सुनाई। थाना अगस्त्यमुनि पुलिस ने तहरीर के आधार पर किशोरी का मेडिकल कराया। दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 और पोक्सो एक्ट 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गांव से कुछ दूर जंगल से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि घटना के रोज किशोरी घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी ने पीछे की तरफ से घर में घुसकर घटना को अंजाम दिया। वह कुछ समय से गांव में खेतीबाड़ी की चौकीदारी का कार्य कर रहा था। मामले की जांच एसआई महेश सिंह रावत को सौंपी गई है। ब्यूरो