रुद्रप्रयाग। जखोली ब्लाक के दो गांवों के कुछ ग्रामीणों द्वारा वन्य जीव के शिकार का मामला अब तूल पकड़ गया है। मामले में संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ के दौरान जांच टीम से अभद्रता करने पर वन विभाग ने बजीरा के चार ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इधर, वन्य जीव के शिकार के मामले का सुराग लगाने के लिए क्षेत्र में बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन कांबिंग की गई। इस दौरान टीम को कुछ स्थानों पर खून के निशान व मल (गोबर) मिला है, जिसे संरक्षित कर दिया गया है।
वनाधिकारियों के मुताबिक उप प्रभागीय वनाधिकारी महिपाल सिंह सिरोही के नेतृत्व में बुधवार देर रात करीब 11 बजे जांच टीम ने संदेह के आधार पर एक ग्रामीण को हिरासत में लिया था। उसे पूछताछ के लिए वे रेंज कार्यालय ला रहे थे, तभी बजीरा गांव के पास कुछ लोगों ने उसे हिरासत में लेने का विरोध करते हुए वन विभाग की टीम को रोक दिया। ग्रामीणों की बात नहीं मानने पर वे अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने लगे। दोनों पक्षों में काफी नोकझोंक भी हुई। बढ़ते विरोध के कारण जांच टीम ने संदिग्ध को छोड़ दिया। मामले में बृहस्पतिवार को वन क्षेत्राधिकारी जितेंद्र पुरी ने मयाली पुलिस चौकी में बजीरा गांव के चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। बता दें कि वन्य जीव शिकार का यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया है।
दूसरी तरफ वन विभाग की जांच टीम ने बृहस्पतिवार को पूरे दिन क्षेत्र में कांबिंग कर दोनों गांवों के खेतों से लेकर गाड़-गदेरों व निकट जंगल क्षेत्र का भी सघन निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्के खून के निशान और मल (गोबर) भी बरामद हुआ है, लेकिन खून और मल के बारे में स्पष्ट नहीं होने से इसे संरक्षित कर दिया गया है। इस संबंध में उप वन संरक्षक मयंक शेखर झा ने बताया कि जांच में कुछ अहम जानकारियां मिली है, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। जो मल व खून मिला है, उसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। बताया कि कुछ मोबाइल नंबर को भी ट्रेस किया जा रहा है।