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कोरोना वायरस : दवा, इलेक्ट्रिक और आटो सेक्टर हो रहा प्रभावित

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मनोज त्यागी। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। चीन में फैले कोरोना वायरस का असर सिडकुल के ऑटो, दवा और इलेक्ट्रिक सामान बनाने वाली कंपनियों पर पड़ रहा है। कंपनियों में कच्चे माल से लेकर कलपुर्जों और केमिकल नहीं आने से उत्पादन पर प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि यह प्रभाव 15 से 20 फीसदी तक है लेकिन कोरोना का मामला लंबा खिंचा तो कंपनियों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि कंपनियों के अधिकारी इस संबंध में अधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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सिडकुल पंतनगर में वाहन निर्माता कंपनियों और उनकी वेंडर कंपनियों की संख्या 300 से अधिक है। कई कंपनियों में चीन, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया और ताइवान की मशीनरी लगी है और कच्चा माल चीन से आता है। इसके अलावा कलपुर्जे बनाने के खांचे, स्विच, प्लास्टिक का सामान भी चीन से आता है। वाहनों के इंजन में लगने वाली डाई और मैगनेट भी चीन से मंगाई जाती है। कुछ समय पूर्व एक नामी कंपनी की डाई की डिमांड भी कोरोना के चलते रुकी है। इसके अलावा टायर में लगने वाला धागा, कंप्यूटर चिप, आईसी, इलेक्ट्रॉनिक सामान में लगने वाला कच्चा माल भी चीन से बहुतायत मंगाया जाता है।
अन्य देशों के मुकाबले चीन से आने वाले कलपुर्जे, मशीनरी और कच्चा माल सस्ता होने के चलते उसकी ज्यादा डिमांड होती है। कोरोना वायरस के चलते इन सामानों का आयात नहीं होने से कंपनियों में परेशानी बढ़ रही है। इसके अलावा चीन से दवा और लकड़ी उद्योग कई प्रकार के केमिकल मंगाते हैं लेकिन केमिकल भी वहां से नहीं आने की वजह से स्टॉक से काम चलाया जा रहा है।
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दवा कंपनियों ने भी दवाओं के दाम महंगे भी कर दिए हैं। एक खाद्य सामान बनाने वाली कंपनी में उत्पादन 40 फीसदी प्रभावित होने की बात कही जा रही है। हालांकि प्रभावित उद्योगों के अधिकारी इस संबंध में बोलने से इनकार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस का मामला लंबा खिंचा तो उद्योगों के उत्पादन में बड़ा असर पड़ेगा। हालांकि कुछ उद्योग चीन के बजाय दूसरे देशों से कच्चा माल मंगवा रहे हैं।
कोरोना के चलते ऑटो सेक्टर पर थोड़ा असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि वहां कच्चा माल मंगाया जाता है। सिडकुल की कंपनियों में बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है। क्लोजिंग के समय उत्पादन कम रहता है। अगर कोरोना का मामला लंबा चलता है तो उससे भविष्य में सिडकुल के उद्योगों पर फर्क पड़ सकता है। - मनोज त्यागी, अध्यक्ष सिडकुल इंटरप्रिनियोर वेलफेयर सोसायटी।
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कोराना के चलते उद्योगों पर प्रभाव पड़ा है। चीन से कच्चा माल सस्ता मिलता था लेकिन दूसरे देशों से सामान मंगाया जा रहा है। दवा और वुड बेस्ड प्लांटों पर असर पड़ा है क्योंकि यहां इस्तेमाल होने वाले केमिकल चीन से मंगाए जाते हैं। अभी चीन से कुछ भी इंपोर्ट नहीं हो रहा है। - अजय तिवारी, संरक्षक सिडकुल इंटरप्रिनियोर वेलफेयर सोसायटी।
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कई उद्योगों में मशीनरी चीन की लगी है और कच्चा माल भी वहीं से आता है। फिलहाल अभी कोई बड़ा प्रभाव सिडकुल पर नहीं पड़ा है। अगर यह मामला लंबा चला तो उद्योग जरूर प्रभावित होंगे। - अवनेश यादव, वरिष्ठ प्रबंधक एचआर, डाबर कंपनी।
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कोराना वायरस की वजह से दवा कंपनियां प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा वे कंपनियां भी प्रभावित हैं, जहां चाइना की मशीनें हैं। वहां रिपेयरिंग का काम चलता रहाता है और स्पेयर पार्ट्स के मसले आते रहते हैं। लेकिन दवाओं में इस्तेमाल होने वाले केमिकल ज्यादातर चीन से आते हैं। केमिकल्स की उपलब्धता कम होने से दवा कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं। जब स्टॉक खत्म होगा तो दिक्कतें और बढ़ेंगी। - अशोक बंसल, अध्यक्ष, केजीसीसीआई।

अजय तिवारी।- फोटो : RUDRAPUR

अशोक बंसल।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर स्थित सिडकुल का दृश्य।- फोटो : RUDRAPUR

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