रुद्रपुर स्थित श्री रामलीला कमेटी का सूना पड़ा मैदान।
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रुद्रपुर। हर साल होने वाली रामलीलाओं के आयोजनों पर इस बार कोरोना का असर पड़ता दिख रहा है। दशहरे के एक महीने पहले शुरू होने वाली रामलीला की तैयारियां इस बार शुरू नहीं हो सकी है। रामलीला की तालीम भी शुरू नहीं हो सकी है। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों से लेकर कलाकारों तक को प्रशासन की गाइडलाइन का इंतजार है।
क्षेत्र में हर साल कई जगहों पर रामलीला का आयोजन होता आया है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी होने वाले आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है। शहर में बस अड्डे के सामने रामलीला कमेटी का ग्राउंड है। पिछले वर्षों तक दशहरा के एक महीने पहले ही कमेटी की ओर से मैदान में मंच सजाने और अन्य तरह की तैयारियां शुरू हो जाती थीं लेकिन कोरोना काल में इस बार रामलीला के आयोजन की संभावनाओं पर संशय है। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालातों में रामलीला का आयोजन होना बहुत मुश्किल लग रहा है।
वर्ष 1990 में आतंकवादियों के हमले से स्थगित हुई थी रामलीला
रुद्रपुर। पिछले 60 वर्षों से शहर में श्री रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यदि प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिली तो 60 वर्षों में ऐसा दूसरी बार होगा कि रामलीला का मंचन नहीं हो पाएगा। कमेटी पदाधिकारी चाहते हैं कि प्रशासन की ओर से रामलीला कराने की गाइडलाइन जारी की जाए। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पवन ने बताया कि वर्ष 1990 में रंपुरा में आयोजित होने वाली रामलीला में आतंकवादियों ने बम धमाका कर दिया था। उसमें कई लोगों की मृत्यु भी हुई थी। उस समय रामलीला को स्थगित कर दिया गया था। यदि इस बार प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिली तो 60 साल में दूसरी बार ऐसा होगा की शहर में रामलीला का मंचन नहीं किया जाएगा।