शराब के ठेके के विरोध में महिलाएं लामबंद होने लगी हैं। शुक्रवार देर रात महिलाओं को पता चला कि ऊखीमठ व गांवों के निकट शराब की दुकान खुल रही है, तो वे इसके खिलाफ सड़क पर उतर गई। करीब तीन सौ महिलाएं रात को ही दुकान के विरोध में कुंड-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर धरने पर बैठ गई और पूरी रात वहीं डटी रहीं। शनिवार को महिलाओं ने विरोध में कुंड-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर सांकेतिक जाम लगा दिया।
धरना स्थल पर हुई सभा में नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण का कहा कि ऊखीमठ में शराब की दुकान किसी भी कीमत पर नहीं खुलने देंगे। महिलाओं ने शराब की दुकान खोलने पर अनशन की चेतावनी दी। महिलाएं शनिवार को भी हाईवे पर बैठ गई हैं। धरना देने वालों में सभासद दुर्गा देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष ममता नेगी, यशोदा देवी, जसु देवी, प्रधान विजयलक्ष्मी तिवारी, इंद्रा देवी, रजनी त्रिवेदी, बसंती रावत आदि शामिल थी। इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं रातभर हाईवे पर धरने पर बैठी रही, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस व प्रशासन की ओर से कई व्यवस्था नहीं गई थी।
शनिवार को डंगवाड़ी, भटवाड़ी, बंजपाणी, गांधीनगर, मस्तोली, पेंज, किमाणा, पठाली, डुंगर-सेमला, चुन्नी-मंगोली गांव की महिलाएं ठेके के विरोध में धरने पर बैठी हुई हैं।
पूरे दिनभर बंद रही शराब की दुकानें
रुद्रप्रयाग। शनिवार को जिले में आबकारी विभाग की सभी 9 दुकानें बंद रही। इस दौरान अधिकारी व ठेका संचालकों की बैठक भी हुई, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। आबकारी अधिकारी ओमकार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्णय को लेकर संशय की स्थिति बनी है।
ऐसे में दुकानें शिफ्ट करने और बंद को लेकर स्थिति साफ नहीं होने से दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। कहा कि जिन स्थानों पर दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर विरोध हो रहा है, वहां वैकल्पिक स्थान भी तलाशे जा रहे हैं।
ऊखीमठ बाजार में शराब की दुकान नहीं खुलेंगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार हाईवे व स्टेट हाईवे से कम से कम ढाई सौ से पांच मीटर दूरी पर दुकानों का संचालन होना है। हरसंभव प्रयास होगा कि गांव या बस्ती क्षेत्र में दुकान का संचालन न हो।
- देवानंद, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ